पाकिस्तान के शहर लाहौर से सटे मुरीदके स्थित मरकज तैयबा परिसर में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यह वही परिसर है जिसे आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का मुख्य केंद्र माना जाता है और जो पहले भी कई विवादों में रहा है।
जानकारी के अनुसार, परिसर में ईद की नमाज आयोजित की गई थी। नमाज में कई वरिष्ठ लोग और संगठन से जुड़े टॉप कमांडर मौजूद थे, जिनमें मौलाना अबू जार और मौलाना अब्दुल रहमान आबिद जैसे नाम शामिल थे। नमाज समाप्त होने के बाद जैसे ही लोग बाहर निकलने लगे, तभी यह हमला हुआ।
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घटना के मुताबिक, लश्कर से जुड़े कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी जैसे ही नमाज स्थल से बाहर निकला, तभी एक व्यक्ति ने उस पर अचानक गोली चला दी। गोली लगने के तुरंत बाद एक अन्य व्यक्ति ने उस पर चाकू से भी हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
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हमले के बाद परिसर में मौजूद अन्य लश्कर के लोग तुरंत बाहर आए और घायल कमांडर को उठाकर गाड़ी में डालकर अस्पताल ले जाने की कोशिश की।
घटना इतनी अचानक हुई कि कुछ समय के लिए पूरे परिसर में तनाव और दहशत का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें घायल अवस्था में बिलाल आरिफ सलाफी जमीन पर खून से लथपथ दिखाई देता है।
वीडियो में यह भी देखा गया कि परिसर में मौजूद कुछ लोग स्थिति को संभालने और अन्य लोगों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल इस घटना की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। सुरक्षा एजेंसियों और सूत्रों के अनुसार कई संभावनाएं सामने आ रही हैं। क्या यह लश्कर के अंदर की आपसी रंजिश का नतीजा है? या फिर किसी बाहरी हमलावर ने इस वारदात को अंजाम दिया? इस पर अभी जांच जारी है और कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार बिलाल आरिफ सलाफी साल 2005 से लश्कर ए तैयबा से जुड़ा हुआ था। वह संगठन के लिए फंड जुटाने का काम करता था, जिसका उपयोग हथियार और अन्य गतिविधियों में किया जाता था। वह मुरीदके की तैयबा कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहता था, जहां संगठन के अन्य सदस्य भी मौजूद रहते हैं।
इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि हमलावर कौन थे और उनका मकसद क्या था। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।