सरकारी खर्चे पर धार्मिक यात्रा!जांच के नाम पर रिश्तेदारों के घर रुके पुलिसकर्मी, हाईकोर्ट ने जताई सख्त नाराजगी

सरकारी खर्चे पर धार्मिक यात्रा करने और जांच के नाम पर रिश्तेदारों के घर ठहरने वाले पुलिसकर्मियों के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है।
जांच के नाम पर रिश्तेदारों के घर रुके पुलिसकर्मी, हाईकोर्ट ने जताई सख्त नाराजगी

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने एक मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी जांच के नाम पर सरकारी खर्चे का दुरुपयोग कर रहे हैं। न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी सरकारी पैसे पर रिश्तेदारों के यहां ठहर रहे हैं और धार्मिक स्थलों की यात्राएं कर रहे हैं।

गुमशुदगी मामले की सुनवाई में खुली पोल

यह मामला एक गुमशुदा युवक को लेकर दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा है। सुनवाई न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और जस्टिस हिरदेश की बेंच में हुई। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी को पीथमपुर में बंधक बनाकर रखा गया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केस डायरी का अवलोकन किया जिसमें जांच से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आईं।

कोर्ट बोला- सरकारी पैसे पर ‘पेड लीव’ का आनंद

हाईकोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि कुछ पुलिसकर्मी ड्यूटी के नाम पर ‘पेड लीव’ का आनंद ले रहे हैं और सरकारी खर्चे पर निजी काम कर रहे हैं। न्यायालय ने यह भी कहा कि जांच अधिकारी पीताम्बरा माई के दर्शन जैसी व्यक्तिगत इच्छाएं पूरी करने के लिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

SSP को किया गया तलब

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनके सामने दो उदाहरण रखे जिनसे जांच में लापरवाही और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की बात सामने आई।

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रिश्तेदार के घर रुका हेड कांस्टेबल

कोर्ट को बताया गया कि एक हेड कांस्टेबल को पीथमपुर (धार) में एक लापता युवक की जानकारी जुटाने भेजा गया था। लेकिन वह पुलिस लाइन में रुकने की बजाय इंदौर में अपने रिश्तेदार के घर पांच दिन तक ठहरा रहा जबकि वह जगह पीथमपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर थी।

मुखबिर सूचना के नाम पर धार्मिक यात्रा

दूसरे उदाहरण में कोर्ट को बताया गया कि पुलिसकर्मी मुखबिर से सूचना मिलने के बहाने दतिया स्थित पीताम्बरा माई जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की यात्राएं कर रहे थे। कोर्ट ने इसे सरकारी पैसे और पद का गलत इस्तेमाल माना।

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SSP ने कार्रवाई का दिया भरोसा

सुनवाई के दौरान एसएसपी धर्मवीर सिंह ने स्वीकार किया कि जांच में कमियां रही हैं। उन्होंने कोर्ट को आश्वासन दिया कि संबंधित जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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