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प्रयागराज में UPPSC छात्रों को भड़काने का आरोप, 4 टेलीग्राम चैनलों के खिलाफ FIR दर्ज

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प्रयागराज में UPPSC छात्रों को भड़काने का आरोप, 4 टेलीग्राम चैनलों के खिलाफ FIR दर्ज
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के बाहर 11 नवंबर से 5 दिन तक हुए छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों को भड़काने के उद्देश्य से भ्रामक सूचनाएं फैलाने के आरोप में चार टेलीग्राम चैनल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन चैनलों पर भ्रामक सूचनाएं अपलोड करने और प्रचारित करने का आरोप है। दरअसल, 11 नवंबर को शुरू हुआ छात्र आंदोलन, आयोग द्वारा पीसीएस-प्री की परीक्षा एक ही दिन में कराने और आरओ-एआरओ की परीक्षा स्थगित करने की घोषणा के साथ शुक्रवार को समाप्त हो गया।

सिविल लाइंस थाने में FIR

लोक सेवा आयोग पुलिस चौकी के प्रभारी कृष्ण मुरारी चौरसिया की तहरीर पर सोशल मीडिया मंच टेलीग्राम के चैनलों- PCM ABHYAAS, सामान्य अध्ययन Edushala, Make IAS official और PCS Manthan के अज्ञात संचालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून की धारा 66 के तहत सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

भ्रामक सूचनाएं करने का आरोप

इन चैनलों पर आरोप लगाया गया है कि 11 नवंबर से लोक सेवा आयोग के सामने छात्र आरओ-एआरओ और पीसीएस (प्रारंभिक) की परीक्षा एक दिन कराने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों को भड़काने के लिए सोशल मीडिया मंच टेलीग्राम के विभिन्न चैनलों से भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही थीं ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति में बाधा डाली जा सके। प्राथमिकी में उक्त चैनल के स्क्रीनशॉट साक्ष्य के तौर पर संलग्न किए गए हैं।

क्या है विवाद

दरअसल, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस प्रीलिम्स 2024 और आरओ/एआरओ प्रीलिम्स 2023 परीक्षाओं को दो दिनों में, दो शिफ्ट में आयोजित करने का फैसला लिया है। अभ्यर्थी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। प्रतियोगी छात्रों की मांग है कि, यूपी पीसीएस 2024 और आरओ एआरओ 2023 की प्रारंभिक परीक्षाओं को पहले की तरह एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में कराया जाए। उनका कहना है कि 2 दिन परीक्षा कराए जाने पर होने वाले नॉर्मलाइजेशन से उनका नुकसान होगा। इस फैसले के खिलाफ 11 नवंबर को फिर से दिल्ली से लेकर यूपी तक अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए। वे ‘वन डे वन एग्जाम’ की मांग के साथ प्रोटेस्ट कर रहे हैं। छात्राओं की मांग है कि, यूपीपीएससी की परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन सिस्टम खत्म कर दिया जाए। उनके मुताबिक, लोक सेवा आयोग के नॉर्मलाइजेशन सिस्टम का तरीका निष्पक्ष नहीं है। ये भी पढ़ें- प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों को राहत, UPPSC ने स्थगित की RO-ARO परीक्षा, अब एक शिफ्ट में ही होगा पेपर
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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