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Irfan Khan Death Anniversary : आखिर रात को कहां जाते थे इरफान? सुनिए जिगरी दोस्त आलोक चटर्जी का Exclusive Video Interview

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Irfan Khan Death Anniversary : आखिर रात को कहां जाते थे इरफान? सुनिए जिगरी दोस्त आलोक चटर्जी का Exclusive Video Interview
भोपाल(अमिताभ बुधौलिया)। इरफान खान; हिंदी सिनेमा के एक ऐसे अभिनेता रहे, जिन्हें लोग शायद ही कभी भूल पाएं। 29 अप्रैल को इरफान खान की पुण्यतिथि(Death Anniversary) है। वे वर्ष-2020 में इस दुनिया से चले गए थे। उन्हें पेट संबंधी गंभीर बीमारी(colon infection) थी। जाने-माने रंगकर्मी आलोक चटर्जी इरफान खान के जिगरी दोस्तों में शुमार थे। यह दोस्ती तब की थी, जब दोनों 1984 से 1987 तक नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा(NSD) में साथ पढ़ते थे। peoplesupdate.com को दिए स्पेशल इंटरव्यू में चटर्जी ने इरफान खान के संग की अपनी कुछ यादें शेयर कीं…

इरफान खान ने जब बोला था कि वे कभी भी थियेटर नहीं करेंगे?

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा(NSD) में एडमिशन के दौरान का जिक्र करते हुए चटर्जी ने कहा-“इरफान खान एक बड़े ही ईमानदार अभिनेता थे। जब वो NSD में एडमिशन के लिए आए थे, तब उन्होंने इंटरव्यू बोर्ड को कहा था कि वे कभी नाटक नहीं करेंगे, क्योंकि उनके इंटरेस्ट का जोन फिल्में हैं। वे बोले थे-‘मैं फिल्मों का ही अभिनेता बनना चाहता हूं।’ जब उनसे पूछा गया कि फिर आप राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में क्यों एप्लाई कर रहे हैं? तब उन्होंने कहा कि क्योंकि फिल्म इंस्टीट्यूट पुणे में एक्टिंग का कोर्स नहीं है। दरअसल, 1978 में वहां एक्टिंग का कोर्स बंद हो गया था। इसके बाद यह 2014 में दोबारा शुरू हुआ। उनके जवाब से पूरी चयन समिति बहुत प्रभावित हुई थी।” वर्ष 1987 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के गोल्ड मेडलिस्ट आलोक चटर्जी देश में रंगमंच का एक बड़ा नाम है। वे 'भारत भवन' के रंगमंडल में 1982 से 1984 और फिर NSD से ग्रेजुएट होने के बाद 1988 से 1990 तक एक अभिनेता के तौर पर जुड़े रहे। चटर्जी 2018 से 2021 तक मप्र नाट्य विद्यालय (MPSD) के निदेशक भी रहे।

इरफान खान के आखिरी समय तक जुड़े रहे आलोक चटर्जी

आलोक चटर्जी इरफान खान से उनके आखिरी समय तक जुड़े रहे। चटर्जी बताते हैं-“वो जब भी भोपाल आते थे, मेरे घर आते थे…खाना खाते थे। मैं भी उनके घर जाता था। उनकी पत्नी सुतापा भी NSD से थीं। हमारे साथ ही पढ़ती थीं। NSD में युवावस्था के दौरान जो मस्तियां होती हैं, हमने खूब कीं। हम रात-रात भर जगते थे। हमारे फर्स्ट ईयर में तिग्मांशु धूलिया भी था। वो भी हमारे साथ होता था। हमने न सिर्फ नाटकों की रिहर्सल, बल्कि महीनों एक-दूसरे के साथ में बिताए हैं।” ऐसे ही एक्सक्लूसिव इंटरव्यू सुनने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल पर जाएं… https://www.youtube.com/watch?v=lTVdenEpJQ0 ये भी पढ़ें- जो युवा फिल्म एडिटिंग में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए चर्चित एडिटर राहुल तिवारी का Exclusive Video Interview
People's Reporter
By People's Reporter

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