दूध के भाव पर किसानों का आंदोलन! आज सांची डिपो का घेराव

इंदौर। दूध के उचित दाम की मांग को लेकर किसानों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। करीब डेढ़ महीने से गांवों में चल रही बैठकों, विरोध और ज्ञापन के बाद भी मांगों पर फैसला नहीं होने से दूध उत्पादकों ने आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया है। 21 सितंबर को इंदौर, देवास और आसपास के जिलों के किसान मांगलिया स्थित सांची दुग्ध संघ के डिपो के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे।आंदोलन की आगे की रणनीति तय करने के लिए दखनाखेड़ी में किसानों की बैठक आयोजित हुई। इसमें किसानों ने कहा कि मालवा क्षेत्र के कई जिलों से रोजाना बड़ी मात्रा में दूध मांगलिया डेयरी पहुंचता है, लेकिन पशुपालन की बढ़ती लागत के मुकाबले किसानों को दूध का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
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चारा महंगा, दवाइयों का खर्च बढ़ा, फिर भी दूध का भाव जस का तस
किसानों के मुताबिक पशुओं के चारे से लेकर पशु आहार, दवाइयों, इलाज और मजदूरी तक का खर्च लगातार बढ़ रहा है। उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद दूध के खरीद भाव में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई। ऐसे में पशुपालन करना किसानों के लिए लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
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8-9 जिलों का दूध पहुंचता है मांगलिया, व्यवस्था बदलने की मांग
किसानों ने मांगलिया दुग्ध संघ की दूध संग्रहण और भुगतान प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि करीब 8-9 जिलों से दूध यहां पहुंचता है। मालवा क्षेत्र के आदिवासी किसान भी दुग्ध उत्पादन से जुड़े हैं। किसानों की मांग है कि दूध की खरीद, गुणवत्ता जांच और भुगतान की पूरी व्यवस्था पारदर्शी और किसान हित में हो।
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भैंस के दूध के 70, गाय के दूध के 60 रुपए मांगे
दूध उत्पादकों ने खरीद दर बढ़ाने के लिए स्पष्ट मांग रखी है। किसानों के अनुसार—
- भैंस के दूध का भाव 70 रुपए प्रति लीटर किया जाए।
- गाय के दूध का भाव 60 रुपए प्रति लीटर किया जाए।
- 12 रुपए प्रति फैट से कम भुगतान नहीं किया जाए।
- दूध संग्रहण और भुगतान व्यवस्था में सुधार किया जाए।
- बढ़ती लागत के हिसाब से दूध के खरीद भाव की समीक्षा की जाए।
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अधिकारियों को ज्ञापन के बाद भी नहीं बनी बात
किसानों का कहना है कि वे कलेक्टर, संभागायुक्त और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। इससे किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। अब 21 सितंबर का प्रदर्शन आंदोलन को नया रुख देने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।


















