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किसानों का दिल्ली कूच आज : ट्रेन... बस और पैदल होंगे रवाना, जंतर-मंतर पर डेरा डालने का है प्लान; पुलिस ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

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किसानों का दिल्ली कूच आज : ट्रेन... बस और पैदल होंगे रवाना, जंतर-मंतर पर डेरा डालने का है प्लान; पुलिस ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
नई दिल्ली। किसान संगठन एक बार फिर दिल्ली कूच करने जा रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान-मजदूर मोर्चा के आह्वान पर देशभर के किसान पैदल, बस व ट्रेनों से दिल्ली कूच करेंगे। इन किसानों का दिल्ली के जंतर-मंतर पर डेरा डालने का इरादा है। अपनी कई मांगों को लेकर किसान लंबे समय से पंजाब-हरियाणा से लगे शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डटे हैं। किसान आंदोलन-2 का आज 6 मार्च को 23वां दिन है।

अलर्ट मोड पर दिल्ली पुलिस

आज किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड पर है। टिकरी, सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। रेलवे और मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नई दिल्ली जिला और सेंट्रल दिल्ली में पुलिस का बंदोबस्त पुख्ता है। इस दौरान जाम के भी हालात भी बन सकते हैं। नई दिल्ली इलाके में किसी भी तरह के प्रदर्शन की कोई इजाजत नहीं है। अगर कोई शख्स दिल्ली में प्रदर्शन करता है तो उसे डिटेन कर लिया जाएगा।

10 मार्च को किसानों का 'रेल रोको' आंदोलन

किसान नेता पंढेर ने कहा था कि दूर-दराज के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली से दिल्ली नहीं पहुंच सकते हैं। ऐसे में उन्हें ट्रेन से पहुंचना चाहिए और एमएसपी के लिए सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी थी। किसानों के दिल्ली कूच के बाद 10 मार्च को रेल रोको आंदोलन कर सकते हैं, जहां चार घंटे के लिए देशभर में वे रेल रोक कर अपना विरोध दर्ज कर सकते हैं।

किसानों की मुख्य मांगें

इस बार के आंदोलन का नेतृत्व संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा कर रहे हैं। किसानों की मुख्य मांगें हैं-
  • MSP की कानूनी गारंटी
  • डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के हिसाब से कीमत तय हो।
  • किसानों और खेत में काम करने वाले मजदूरों को पेंशन दी जाए।
  • कृषि ऋण माफी।
  • बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं।
  • 2021 के लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को सजा दी जाए।
  • भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 दोबारा लागू किया जाए।
  • 2020-21 में हुए किसान आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए।
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Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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