बिगड़ी लाइफस्टाइलका असर, शरीर में कम हो रहे विटामिन, इससे बढ़ रहा होमोसिस्टीन का स्तर, 60% हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार
भोपाल के डॉक्टरों ने बताया अचानक और कम उम्र में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक

भोपाल। एक निजी अस्पताल में बुधवार को हार्ट अटैक से 44 साल के सुयश मल्होत्रा की मौत हो गई। जांच में कोलेस्ट्रॉल सहित अन्य
सामान्य थे, लेकिन होमोसिस्टीन का स्तर बढ़ा हुआ था। डॉक्टरों का कहना था कि होमोसिस्टीन की मात्रा बढ़ने से धमनी (आर्टरी) में
खून का थक्का जमने से उनकी मृत्यु हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, होमोसिस्टीन का लेवल बढ़ने के कारण हार्ट अटैक का खतरा कई
गुना बढ़ जाता है। इसकी तस्दीक एम्स और हमीदिया अस्पताल में आने वाले हार्ट पेशेंट की जांच रिपोर्ट भी करती है। यहां आने वाले हार्ट अटैक के मामलों में करीब 60 फीसदी मरीजों का होमोसिस्टीन लेवल बढ़ा रहता है। बिगड़ी लाइफस्टाइल जैसे बहुत ज्यादा फास्ट फूड, एक्सर्साइज नहीं करना और पूरी नींद नहीं लेना इसके कारण हैं। होमोसिस्टीन एक प्रकार का अमीनो एसिड है, जो ब्लड में विटामिन बी 12 और फोलिक एसिड की मात्रा कम होने से बढ़ जाता है। शरीर में इसकी सामान्य सीमा 5 से 15 माइक्रोमोल प्रति लीटर होती है। यह 50 या उससे अधिक होता है, तो बेहद खतरनाक हो जाता है।
होते हैं गंभीर नुकसान:
डॉक्टरों के अनुसार, होमोसिस्टीन से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। धमनियों में खून का थक्का बनने से उसका
प्रवाह बाधित होता है। इससे हार्ट अटैक हो सकता है। यदि यह अवरोध मस्तिष्क की धमनियों को हो तो ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है।
ये लक्षण दिखें तो जांच कराएं:
व्यक्ति में विटामिन बी की कमी जैसे कमजोरी आना, चक्कर आना, मुंह में
छाले, पैरों-हाथों में झुनझुनी, त्वचा का पीला पड़ना, सांस लेने में तकलीफ और मूड में बदलाव हो तो होमोसिस्टीन की जांच करानी
चाहिए।
हरी सब्जियां और बेहतर दिनचर्या जरूरी
हमीदिया अस्पताल के हÞदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएस मीणा बताते हैं कि बेहतर दिनचर्या बहुत जरूरी है। खाने में हरी सब्ज्यिों, अनाज जैसे- मसूर, शतावरी और सेम के सेवन से विटामिन बी 12, बी 6 और फोलिक एसिड को बढ़ाकर होमोसिस्टीन स्तर
को कम कर सकते हैं।
यह रखें सावधानी
- 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित अंतराल पर होमोसिस्टीन, लाइपोप्रोटीन लिटिल आदि की जांच कराएं।
- उम्र बढ़ने के साथ ब्लड प्रेशर, किडनी फंक्शन टेस्ट, लीवर फंक्शन टेस्ट की नियमित अंतराल पर जांच जरूरी है।
- धूम्रपान कर रहे हैं, तो तुरंत छोड़ दें। बीपी व शुगर को नियंत्रित रखें।
- कोलेस्ट्राल बढ़ा हुआ है, तो एलडीएल की मात्रा को 100 से नीचे रखें।
- होमोसिस्टीन का स्तर अधिक है, तो विटामिन बी12 और फोलिक एसिड सप्लीमेंट लें।





















