शुक्रवार रात अफगानिस्तान में आए भूकंप ने भारत को भी झटका दिया है। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र रहा, जहां सबसे ज्यादा असर दिखा। यहां एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई, जब उनका घर भूकंप के झटकों से ढह गया। इसके अलावा नई दिल्ली, जम्मू- कश्मीर भी भूकंप का केंद्र रहा, स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सभी लोग मलबे में दब गए थे, जिससे उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
भूकंप के झटके दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए। रात करीब 9:46 बजे आए इन झटकों से लोग घबरा गए और घरों से बाहर निकल आए। कई जगहों पर पंखे, झूमर और दरवाजों पर लटके सामान हिलते नजर आए, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया।
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हालांकि भारत में फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में भी झटके महसूस किए गए। पठानकोट के भुल्ला चौक बाजार से एक वीडियो सामने आया, जिसमें घर में लटके ताले हिलते दिखाई दिए। यह वीडियो स्थानीय निवासी अनमोल शर्मा ने रिकॉर्ड किया। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पृथ्वी की सतह कई बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी होती है। ये प्लेट्स लगातार गतिशील रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। जब प्लेट्स के किनारों पर दबाव बढ़ता है, तो वे टूटने लगती हैं और भीतर जमा ऊर्जा बाहर निकलती है। इसी प्रक्रिया को टेक्टोनिक प्लेट मूवमेंट कहा जाता है, जो भूकंप का कारण बनता है।
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भूकंप का असर पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, अफगानिस्तान और भारत में महसूस किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके कई दूर तक महसूस किए गए। उत्तर भारत के कई इलाकों में लोगों ने कुछ सेकंड तक जमीन में कंपन महसूस किया।
इतिहास में भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। साल 1556 में चीन में आए भूकंप में करीब 8.30 लाख लोगों की जान चली गई थी, जो अब तक का सबसे घातक भूकंप माना जाता है। वहीं, 22 मई 1960 को चिली में आए भूकंप की तीव्रता 9.5 मापी गई थी, जो अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप रिकॉर्ड किया गया है।
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कुल मिलाकर, इस भूकंप ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि प्राकृतिक आपदाएं कितनी अचानक और खतरनाक हो सकती हैं, हालांकि भारत में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है।