असम में सियासी माहौल गर्माता जा रहा है। एक ओर भाजपा अपनी जीत को लेकर आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही है वहीं विपक्ष सरकार की नीतियों को मुद्दा बनाकर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटा है।
कछार में जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर कटाक्ष किया और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को चेतावनी दी, “जो भी नारा देंगे, चुनाव के बाद तो नारा प्रधानमंत्री मोदी और मेरा ही चलेगा।”
असम के इस चुनाव में बहस केवल विकास या स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं है। प्रवासन, अतिक्रमण और भूमि से जुड़े मामले चुनावी बहस को और धार दे रहे हैं। इस कारण नेताओं के बयान और भी आक्रामक होते जा रहे हैं।
बारपेटा में AIUDF-AIMIM गठबंधन के प्रमुख ओवैसी ने भाजपा की नीतियों और सरमा के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “सरकार एक विशेष समुदाय को निशाना बना रही है। कार्रवाई गैरकानूनी, असंवैधानिक और दमनकारी है। जनता इस बार जवाब देगी।” ओवैसी ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली को गरीब विरोधी बताते हुए कहा कि AIUDF ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए लड़ाई लड़ी।
सरमा ने कांग्रेस नेतृत्व की सक्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल और प्रियंका गांधी केवल 2-2 बैठक करके चले गए और उन्हें भी पता है कि वे हारने वाले हैं।
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असम की राजनीति में बयानबाजी नया नहीं है लेकिन इस बार इसका तीखापन और स्तर पहले से ज्यादा है। भाजपा और विपक्ष दोनों ही अपने मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। अब सबकी नजर 9 तारीख पर टिकी है, जब वोटिंग के जरिए यह तय होगा कि जनता किसके दावों में कितनी ताकत दे रही है।