Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

असम में चुनावी महाभारत:भाजपा और AIMIM में तीखी बयानबाजी, ओवैसी ने सरकार पर साधा निशाना

असम में सियासी माहौल गर्माता जा रहा है। एक ओर भाजपा अपनी जीत को लेकर आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही है।
भाजपा और AIMIM में तीखी बयानबाजी, ओवैसी ने सरकार पर साधा निशाना
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    असम में सियासी माहौल गर्माता जा रहा है। एक ओर भाजपा अपनी जीत को लेकर आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही है वहीं विपक्ष सरकार की नीतियों को मुद्दा बनाकर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटा है।

    सरमा ने विपक्ष पर साधा निशाना

    कछार में जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर कटाक्ष किया और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को चेतावनी दी, “जो भी नारा देंगे, चुनाव के बाद तो नारा प्रधानमंत्री मोदी और मेरा ही चलेगा।” 

    चुनाव में सिर्फ विकास नहीं, पहचान और जमीन भी मुद्दा

    असम के इस चुनाव में बहस केवल विकास या स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं है। प्रवासन, अतिक्रमण और भूमि से जुड़े मामले चुनावी बहस को और धार दे रहे हैं। इस कारण नेताओं के बयान और भी आक्रामक होते जा रहे हैं।

    ओवैसी का पलटवार

    बारपेटा में AIUDF-AIMIM गठबंधन के प्रमुख ओवैसी ने भाजपा की नीतियों और सरमा के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “सरकार एक विशेष समुदाय को निशाना बना रही है। कार्रवाई गैरकानूनी, असंवैधानिक और दमनकारी है। जनता इस बार जवाब देगी।” ओवैसी ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली को गरीब विरोधी बताते हुए कहा कि AIUDF ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए लड़ाई लड़ी।

    कांग्रेस पर भी निशाना

    सरमा ने कांग्रेस नेतृत्व की सक्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल और प्रियंका गांधी केवल 2-2 बैठक करके चले गए और उन्हें भी पता है कि वे हारने वाले हैं।

    ये भी पढ़ें: अमेरिकी पायलट पर सस्पेंस : पहले पकड़ने का दावा फिर ढूंढने पर इनाम का ऐलान, अमेरिका ने माना एक जेट मार गिराया गया

    चुनावी बयानबाजी का बढ़ा स्तर

    असम की राजनीति में बयानबाजी नया नहीं है लेकिन इस बार इसका तीखापन और स्तर पहले से ज्यादा है। भाजपा और विपक्ष दोनों ही अपने मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। अब सबकी नजर 9 तारीख पर टिकी है, जब वोटिंग के जरिए यह तय होगा कि जनता किसके दावों में कितनी ताकत दे रही है।

    Sumit  Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

    Latest Posts