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Japan Earthquake : जापान में फिर भूकंप के झटके से कांपी धरती, रिक्टर स्केल पर 6.0 की तीव्रता मापी, जानें सुनामी को लेकर अपडेट

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Japan Earthquake : जापान में फिर भूकंप के झटके से कांपी धरती, रिक्टर स्केल पर 6.0 की तीव्रता मापी, जानें सुनामी को लेकर अपडेट
टोक्यो। जापान में एक बार फिर धरती तेज भूकंप के झटके से कांप उठी है। मध्य जापान में मंगलवार को 6.0 तीव्रता का भूकंप आया, लेकिन अभी तक सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा कि भूकंप जापान सागर के तट पर आया। इससे देश का वही हिस्सा हिल गया जहां 1 जनवरी को शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी।

एक जनवरी को आए भूकंप ने मचाई थी तबाही

साल के पहले ही दिन खतरनाक भूकंप आया था। 7.6 तीव्रता वाले भूकंप ने देशभर में तबाही मचा दी। सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की गई और साथ ही आने वाले वक्त में और भूकंप आने की आशंका जताई गई। एक जनवरी को आए भूकंप में अब तक 126 लोगों की मौत हो चुकी है। सैंकड़ों दुकान-मकान क्षतिग्रस्त हो गए और पेड़-खंभे भी उखड़ गए थे।

फिलीपींस में भूकंप के तेज झटके

इधर, फिलीपींस में दावाओ ऑक्सिडेंटल प्रांत में मंगलवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी के अनुसार स्थानीय समयानुसार, सुबह 4:48 बजे आये भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र सारंगानी नगर पालिका में सारंगानी द्वीप से लगभग 119 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में पृथ्वी की सतह से 76 किलोमीटर की गहराई पर रहा। भूकंप से अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?

भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।

कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।

किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है

  • 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है।
  • वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है।
  • 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो।
  • 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं।
  • 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है।
  • 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है।
  • 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है।
  • 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी।
  • 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है।
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Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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