Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

अवैध तरीके से चार्जिंग कर चल रहे ई-रिक्शे, भोपाल-ग्वालियर में बिजली कंपनी को चपत

बिजली चोरी का नया तरीका; स्टैंड बनाकर की जा रही चार्जिंग
Follow on Google News
अवैध तरीके से चार्जिंग कर चल रहे ई-रिक्शे, भोपाल-ग्वालियर में बिजली कंपनी को चपत

भोपाल। ग्वालियर में साल आखिर में बिजली कंपनी ने जब रेवेन्यू को लेकर बैठक की तो समझ नहीं आया कि 30 करोड़ के बिल डिफॉल्टर के अलावा बिजली की खपत कहां ज्यादा है? जो ट्रेस नहीं हो पा रही है। पड़ताल के बाद पता चला कि जिले में ई-रिक्शा या टमटम को अवैध रूप से चार्ज करके धड़ल्ले से बिजली चोरी की जा रही है। एक ई-रिक्शा के चार्ज से 80-90 रुपए का नुकसान : सूत्रों के अनुसार, ग्वालियर शहर की सड़कों पर करीब 14 हजार ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। इनके लिए जगह-जगह अवैध स्टैंड भी हैं, जहां चोरी से तार डालकर उन्हें चार्ज किया जाता है। बिजली कंपनी के मुताबिक, एक बार एक ई-रिक्शा चार्ज करने में करीब 8-9 यूनिट बिजली खर्च होती है। यानी एक गाड़ी पर कंपनी को 80-90 रुपए का चूना लगता है। बिजली कंपनी को हर माह 5.76 लाख रु. का नुकसान हो रहा है।

शहर में सक्रिय ई-रिक्शा माफिया:

ई-रिक्शा चलाने के लिए शहर में पूरा एक माफिया आॅपरेट हो रहा है। जानकारों की मानें तो इन ई-रिक्शों का कोई रूट तय नहीं है। यदि किसी को भीड़भाड़ वाले रूट में चलना है, स्टैंड पर रिक्शा खड़ा करना है और जुगाड़ की बिजली से चार्ज होना है तो उन्हें पैसा देना होता है।

तीन घंटे की चार्जिंग में सौ किमी:

तीन घंटे की चार्जिंग में ई -रिक्शा या टमटम लगभग सौ किमी चलता है। मेंटेनेंस भी इसका ज्यादा नहीं है। जो मुख्य खर्चा है, वो बिजली खपत का है।

जब्त करने का प्रावधान:

घरेलू कनेक्शन से ई-व्हीकल चार्ज करने पर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत उपकरणों, वाहन, ईरिक् शा को जब्त करने का प्रावधान है।

इंदौर: चोरी की बिजली से चार्जिंग का कोई केस नहीं:

बिजली विभाग के अनुसार, इंदौर की सड़कों पर जब से ई-रिक्शा दौड़ना शुरू हुए हैं, तब से किसी भी क्षेत्र से ऐसी जानकारी नहीं है कि चोरी की बिजली से ईरिक् शा को चार्ज किया जा रहा हो।

जबलपुर: चोरी वाले क्षेत्रों में डाली केसिंग लाइन:

जबलपुर के जिन क्षेत्रों में बिजली चोरी की संभावनाएं हैं, उन इलाकों में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने केसिंग लाइन डाल दी है। इससे खुलेआम बिजली चोरी पर लगाम लगी है।

10 हजार से ज्यादा ईरिक् शा, कनेक्शन 100

भोपाल। राजधानी की सड़कों पर 10 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। लेकिन इसके लिए 100 लोगों ने ही अलग से कनेक्शन लिए हैं। मप्र विद्युत वितरण कंपनी ने पिछले साल मई माह में घरेलू और खंभे से ई-रिक्शे की चार्जिंग करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती थी। 54 टीम ने घरेलू कनेक्शन से ई- रिक्शा चार्ज करने के मामले में 122 लोगों के खिलाफ प्रकरण बनाकर 25 लाख रुपए की बिलिंग की है।

चोरी की बिजली से ई-रिक्शा चार्ज करने वालों पर कार्रवाई तेज की जाएगी। हमें सूचना मिल रही है कि कुछ लोग बड़ी संख्या में एक साथ एक ही जगह पर इनको चार्ज कर रहे हैं जो नियम विरुद्ध है। - नितिन मांगलिक, जीएम, बिजली कंपनी सिटी सर्किल, ग्वालियर

कमर्शियल ई-वाहनों के लिए अलग से कनेक्शन लेना अनिवार्य है। घरेलू मीटर से ईरिक् शा या अन्य वाहनों के चार्ज करने पर कार्रवाई लगातार की जाती है। वैसे अलग से कनेक्शन लेने पर उनका ही फायदा है। उनकी बिजली दर घरेलू कनेक्शन से सस्ती पड़ती है। - जाहिद खान, जीएम, शहर सर्कल, मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

People's Reporter
By People's Reporter

Latest Posts