उमरिया : खूंखार भालू की इलाज के दौरान मौत, घंटों मशक्कत के बाद आया था पकड़ में, इस बीमारी से था ग्रसित

उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक खूंखार भालू ने वन विभाग की नाक में दम कर रखा था। रिजर्व की गुरवाही बीट में शुक्रवार को इसे काबू करने पहुंचे वन अमले के हाथी पर ही इस खूंखार भालू ने हमला बोल दिया था। भालू के अचानक हमले से गणेश नाम का हाथी विचलित होकर जंगल की तरफ भागा। वन विभाग कड़ी मशक्कत के बाद उसे पकड़ लिया। लेकिन, शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान भालू की मौत हो गई है। फिलहाल, मौत के कारण स्पष्ट नहीं है।
जानकारी के अनुसार, खूंखार भालू रेबीज नामक बीमारी से ग्रसित था, जिस वजह से हाल के दिनों में उसका व्यवहार आक्रामक बना रहा है। इसी आक्रामकता की वजह से ग्राम गुरवाही की शकुंतला बाई पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। इसके अलावा महिला को बचाने गए सरपंच सहित कई स्थानीय लोगों को गम्भीर रूप से घायल भी किया था।
भालू के शरीर पर थे कई घाव
बताया जा रहा है कि मृत भालू का शरीर कई जगह चोटिल भी था। सूत्रों की मानें तो गले में सूजन, पैर में घाव समेत शरीर के कई हिस्सों में जख्म रहे हैं। पशु विशेषज्ञों की माने तो वन्य प्राणी भालू शर्मीले स्वभाव का होता है। लेकिन गुरवाही बीट में रेस्क्यू कर कब्जे में लिया गया भालू खूंखार और आक्रामक स्वभाव का हो गया था। जिस वजह से प्राथमिक दृष्ट्या रेबीज नामक बीमारी के लक्षण ग्रसित होते हैं। हालांकि, सैंपलिंग ली गई है। रिपोर्ट आने पर मौत के कारण और स्पष्ट हो सकेंगे।





















