दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा राजगढ़ के गुलावता पहुंची, दिया प्रेम और सद्भाव का संदेश

भ्रोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा मंगलवार को अपने आठवें दिन सारंगपुर से आगे बढ़ते हुए राजगढ़ जिले के ग्राम गुलावता पहुंची। यात्रा के आगमन पर ग्रामवासियों, सनातन धर्म प्रेमियों और समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के बीच लोगों ने दिग्विजय सिंह, यात्रा में शामिल साधु-संतों और अन्य सहभागियों का अभिनंदन किया। विभिन्न पड़ावों से गुजर रही इस यात्रा के माध्यम से दिग्विजय सिंह सत्य, सनातन धर्म के सम्मान, सामाजिक सद्भाव और धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता का संदेश दे रहे हैं।
सारंगपुर से शुरू हुई पदयात्रा, पंचमुखी हनुमान मंदिर पर विराम
मंगलवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह सारंगपुर से पदयात्रा शुरू हुई। यह तारागंज कॉलेज के सामने से होते हुए ग्राम धनौरा स्थित शिव मंदिर पहुंची। यहां से यात्रा के अगले चरण की शुरुआत हुई। दोपहर में भोजन और विश्राम के बाद यात्रा शिमला होटल से होते हुए तुकोगंज की ओर आगे बढ़ी। शाम को यात्रा ग्राम गुलावता स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पहुंची, जहां दिनभर की पदयात्रा का विराम हुआ। यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म के मूल आदर्शों पर जोर देते हुए कहा कि सनातन धर्म का उद्देश्य प्रेम, सत्य, सद्भाव, करुणा और दया है। उन्होंने सभी धर्मों का सम्मान करने और समाज में भाईचारे की भावना बनाए रखने की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार, धर्म के नाम पर नफरत और कटुता फैलाना सनातन धर्म की मूल भावना के विपरीत है।
मंदिरों की संपत्तियों और चंदे में पारदर्शिता की मांग
दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर दान, चढ़ावे और मंदिरों की संपत्तियों से जुड़ी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। यात्रा के माध्यम से राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे और सोने-चांदी की ईंटों का हिसाब सार्वजनिक करने तथा कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जा रही है। इसके साथ ही यात्रा में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा नागरिकों के मताधिकार की रक्षा का संदेश भी दिया जा रहा है। यात्रा के आयोजकों के अनुसार, इन मुद्दों के माध्यम से सत्य, न्याय और धार्मिक आस्था के सम्मान से जुड़े विषयों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
महाकालेश्वर मंदिर से शुरू हुई यात्रा अयोध्या पहुंचेगी
20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर से शुरू हुई यह पदयात्रा लगभग 930 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यात्रा का मार्ग ओरछा स्थित श्री रामराजा सरकार मंदिर होते हुए अयोध्या तक निर्धारित है। यात्रा के माध्यम से सत्य, न्याय, धार्मिक आस्था के सम्मान, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।
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