इस्तीफे के बाद पहली बार बोले धर्मेंद्र प्रधान, NEET प्रदर्शन को लेकर किया बड़ा दावा, बोले- 'Gen Z को गुमराह...'

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद और इसके बाद हुए छात्र प्रदर्शनों पर पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि NEET विवाद के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शनों में कुछ लोगों ने देश के युवाओं और खासकर Gen Z को गुमराह करने की कोशिश की। धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वह शिक्षा मंत्री का पद छोड़ चुके हैं। भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने NEET विवाद, युवाओं की भूमिका और अपने इस्तीफे को लेकर कई बातें कहीं।
इस्तीफे के करीब दो हफ्ते बाद सामने आया बयान
धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को जीएम यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों से बातचीत की। शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के करीब दो सप्ताह बाद उनका यह बयान सामने आया। NEET परीक्षा को लेकर विवाद के दौरान देश के कई हिस्सों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े दूसरे आरोपों को लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिली थी। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इसी दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। अब अपने गृह राज्य ओडिशा में छात्रों के बीच बोलते हुए उन्होंने उस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी है।
‘Gen Z से कोई व्यक्तिगत परेशानी नहीं’
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्हें Gen Z से किसी तरह की व्यक्तिगत समस्या नहीं है। उन्होंने युवा पीढ़ी को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि ये सभी भारत के बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल करीब दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। पिछले 10 वर्षों में देश में करीब 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं। उनके अनुसार, यह पूरी पीढ़ी अपनी अलग आकांक्षाओं और सपनों के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधान ने कहा कि युवाओं के सपने और उनकी उम्मीदें देश के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यही युवा आने वाले समय में भारत को वैश्विक स्तर पर आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
‘कुछ लोगों ने युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की’
NEET विवाद पर बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने Gen Z को गुमराह करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की चिंताओं को समझना जरूरी है, लेकिन किसी भी आंदोलन या विवाद के दौरान गलत जानकारी के जरिए युवाओं को प्रभावित करना उचित नहीं है। प्रधान के मुताबिक, भारत की युवा पीढ़ी देश के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकती है। इसलिए युवाओं की ऊर्जा और उनकी क्षमता का इस्तेमाल सकारात्मक दिशा में होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में उन लोगों के नाम नहीं बताए, जिन पर उन्होंने युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया।
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‘मंत्री पद मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण नहीं था’
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि मंत्री पद उनके लिए सबसे बड़ी चीज नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। प्रधान ने कहा कि उनके लिए पद से ज्यादा महत्वपूर्ण देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर और जिम्मेदारियों को लेकर भी छात्रों के सामने अपनी बात रखी। NEET विवाद के बाद उनके इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हुई थीं। अब प्रधान के बयान से उनके रुख की एक झलक सामने आई है।
ओडिशा में विरोध प्रदर्शन पर भी बोले प्रधान
भुवनेश्वर में कार्यक्रम के अलावा धर्मेंद्र प्रधान ने रायराखोल में एक अन्य कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। यहां उन्होंने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल यानी बीजेडी के अध्यक्ष नवीन पटनायक पर निशाना साधा। प्रधान के दौरे के दौरान बीजेडी के युवा और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे लगाए। यह प्रदर्शन एयरपोर्ट के आसपास भी हुआ था। इसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस विरोध को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
‘मैं किसान का बेटा हूं, वापस आऊंगा’
प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह इस तरह के विरोध से परेशान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह किसान के बेटे हैं और अगर कोई उन्हें वापस जाने के लिए कहेगा, तब भी वह ओडिशा वापस आते रहेंगे। प्रधान ने सवाल किया कि उन्होंने ऐसा कौन सा काम किया है, जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े। उनके इस बयान को राजनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ओडिशा की राजनीति में बीजेपी और बीजेडी के बीच लंबे समय से राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलता रहा है।
नवीन पटनायक पर लगाया युवाओं को भड़काने का आरोप
धर्मेंद्र प्रधान ने नवीन पटनायक पर भी गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नवीन पटनायक उन्हें ओडिशा के लोगों के लिए शर्मिंदगी और बुरा व्यक्ति बताते हैं। प्रधान ने आरोप लगाया कि बीजेडी अध्यक्ष युवाओं को उनके खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों में शामिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन युवाओं को राजनीतिक विरोध के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है। हालांकि, नवीन पटनायक या BJD की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया की जानकारी इस बयान में सामने नहीं आई है।
NEET विवाद से लेकर ओडिशा की राजनीति तक चर्चा
धर्मेंद्र प्रधान के हालिया बयानों में दो अलग-अलग मुद्दे प्रमुख रहे। एक तरफ उन्होंने NEET विवाद और छात्रों के प्रदर्शनों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, तो दूसरी तरफ ओडिशा में अपने खिलाफ हुए राजनीतिक विरोध का जवाब दिया।











