शिक्षक भर्ती पर शिक्षा मंत्री का दो टूक जवाब, नियमों के दायरे से बाहर जाकर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता

भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के सामने वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन और भूख हड़ताल कर रहे अभ्यर्थियों के मामले में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार अभ्यर्थियों और शिक्षकों से लगातार संवाद कर रही है लेकिन कानून और नियमों के दायरे से बाहर जाकर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि संबंधित भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और तीन साल बाद पुराने पदों की संख्या बढ़ाने का कोई कानूनी आधार नहीं है। मंत्री ने कहा कि अधिकारियों के स्तर पर भी अभ्यर्थियों से बातचीत जारी है। भर्ती प्रक्रिया को लेकर उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई बच्चा अपने पिता से एयरोप्लेन मांगता है तो एयरोप्लेन घर नहीं आ सकता, इसके लिए टिकट लेकर यात्रा करनी पड़ती है। इसी तरह भर्ती में भी निर्धारित नियम और समय-सीमा का पालन करना जरूरी है।
पुराने पद बढ़ाने की मांग पर सवाल
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व में करीब 2 हजार पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद वेटिंग लिस्ट भी तैयार की गई। ऐसे में तीन साल बाद उन्हीं पदों की संख्या किस आधार पर बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के प्रावधानों का भी हवाला दिया।
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अतिथि शिक्षकों को लेकर विपक्ष पर पलटवार
विपक्ष की ओर से अभ्यर्थियों के समर्थन पर मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि पहले अतिथि शिक्षकों को काफी कम मानदेय मिलता था, जबकि अब उन्हें 15 से 20 हजार रुपए तक दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों को 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी किया गया है।




















