Raipur:धमतरी के बारना में पढ़ाई चौपट होने से फूटा गुस्सा,छात्राओं के साथ धरने पर बैठे परिजन और ग्रामीण, तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति की मांग

रायपुर/धमतरी: धमतरी जिले के बारना गांव में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्राओं और ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर आ गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारना में पांच महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से नाराज छात्राओं ने स्कूल में तालाबंदी कर दी। छात्राओं के साथ उनके परिजन और ग्रामीण भी प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से स्कूल में तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।
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शिक्षकों की कमी पर भड़का आक्रोश
धमतरी जिले के बारना गांव स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों की कमी का मुद्दा अब आंदोलन में बदल गया है। पढ़ाई प्रभावित होने से नाराज छात्र-छात्राओं ने स्कूल में तालाबंदी कर विरोध जताया। छात्राओं के इस प्रदर्शन को उनके परिजनों और ग्रामीणों का भी समर्थन मिला।
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पांच अहम विषयों के शिक्षक नहीं
ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन समिति के मुताबिक विद्यालय में हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, रसायन और भूगोल जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी है। इन विषयों की नियमित पढ़ाई नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी प्रभावित होने की चिंता जताई जा रही है।
धरने पर बैठे छात्र और ग्रामीण
शिक्षकों की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में धरना दिया। इस दौरान नारेबाजी कर शिक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की गई। प्रदर्शन कर रही छात्राएं गाना गाकर भी अपनी मांग और विरोध दर्ज कराती नजर आईं।
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परिजनों ने भी संभाला मोर्चा
छात्राओं के प्रदर्शन में उनके परिजन भी शामिल हुए। परिजनों का कहना है कि शिक्षक नहीं होने का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजने के बावजूद अगर महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई नहीं हो पाएगी तो इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा।
कलेक्टर और DEO से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समिति ने कलेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रिक्त पदों पर जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से संचालित हो सके।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है। अब नजर शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर है कि विद्यार्थियों की मांग के बाद विद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।












