देवास जहरीली शराब कांड में कांग्रेस प्रवक्ता का बेटा हिरासत में:BJP ने जीतू पटवारी से पूछा- अब कब देंगे धरना?

इंदौर / देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में कथित जहरीली शराब कांड की जांच के बीच नया मोड़ सामने आया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन को देवास पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान केमिकल सप्लाई से जुड़े मामले में उसकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, इस मामले में उसकी भूमिका और शराब से हुई मौतों के बीच संबंध को लेकर जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।अमन को हिरासत में लिए जाने के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। बीजेपी ने कांग्रेस को घेरते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से सवाल किया है कि इस घटनाक्रम पर उनका रुख क्या है। बीजेपी प्रवक्ता राकेश यादव ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या जीतू पटवारी अब कांग्रेस नेता के घर भी धरना देने जाएंगे?
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जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपित अजय राठौर ने इंदौर स्थित अमन कासलीवाल के कार्यालय में जाकर उससे मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि 1 अक्टूबर को अमन की एजेंसी से मिक्स साल्वेंट खरीदने का बिल गोविंद नाम के व्यक्ति के नाम पर मिला है। आरोप है कि केमिकल अमन के गोदाम से उपलब्ध कराया गया था।मामले में गोविंद की तलाश की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, वह घटनाक्रम के बाद से फरार है। पुलिस अब बिल, केमिकल की सप्लाई और संबंधित लोगों के बीच संपर्कों की जांच कर रही है।
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10 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में नया मोड़
देवास के चंदाना क्षेत्र में अवैध शराब से जुड़े मामले में पुलिस पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। 15 और 18 अक्टूबर को हुई मौतों के बाद अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई के नेटवर्क की जांच तेज की गई थी। इस दौरान पुलिस ने विनोद जायसवाल सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।पुलिस कार्रवाई के दौरान करीब 54 लीटर देशी शराब और अन्य सामग्री जब्त की गई थी। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 7.25 लाख रुपये बताई गई थी। अब कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता के बेटे अमन को हिरासत में लिए जाने के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की चर्चा है।जांच एजेंसियां कथित तौर पर यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब तैयार करने में किन सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया और केमिकल की सप्लाई कहां से हुई। हालांकि, अमन की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच पूरी होने और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने का इंतजार है।
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जहरीली शराब से मौतों पर उठे सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल शराब से हुई मौतों की वास्तविक वजह को लेकर है। शुरुआती दौर में प्रशासन की ओर से मौतों को जहरीली शराब से जोड़ने की पुष्टि नहीं की गई थी। अब अवैध शराब के कारोबार और केमिकल सप्लाई से जुड़े पहलुओं की जांच के बीच कई सवाल उठ रहे हैं।यदि शराब बनाने में खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल हुआ था, तो इसकी जानकारी समय रहते संबंधित विभागों को क्यों नहीं मिली? क्या अवैध शराब की गुणवत्ता की जांच की गई थी? क्या क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे इस कारोबार की जानकारी संबंधित एजेंसियों को पहले से थी?इन सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट और पुलिस की आधिकारिक जानकारी से ही स्पष्ट हो सकेंगे।
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प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल
अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई पर रोक लगाने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होती है। ऐसे में इस घटना के बाद प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है कि कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए केमिकल कहां से आए, उनकी सप्लाई किस माध्यम से हुई और अवैध शराब तैयार करने वाले नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका थी। साथ ही, मौतों के वास्तविक कारणों की पुष्टि भी जरूरी है।
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बीजेपी ने जीतू पटवारी को घेरा
अमन को हिरासत में लिए जाने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। बीजेपी प्रवक्ता राकेश यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से सवाल करते हुए पूछा कि क्या वे इस मामले में कांग्रेस नेता के घर भी धरना देने जाएंगे।बीजेपी के इस बयान के बाद देवास का कथित जहरीली शराब कांड राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक ओर पुलिस केमिकल सप्लाई और अवैध शराब के नेटवर्क की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दल एक-दूसरे से जवाब मांग रहे हैं।




















