फ्लेवियो बोल्सोनारो 72 घंटे में कैसे अमेरिका पहुंचे, प्राइवेट प्लेन से अर्जेंटीना-इक्वाडोर होते हुए परिवार संग मियामी में लैंड किया

वॉशिंगटन। अपनी हार मानने से इनकार करने से लेकर, एक प्राइवेट फ्लाइट प्लान के जरिए अर्जेंटीना में दाखिल होने और इक्वाडोर से होते हुए मियामी पहुंचने तक, ब्राजील के सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो की अमेरिका तक की यात्रा 72 घंटों की अफरा-तफरी के बीच पूरी हुई। 45 साल के बोल्सोनारो बुधवार को अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ फ्लोरिडा पहुंचे। ये पूरा घटनाक्रम राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में मौजूदा प्रेसिडेंट लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से उनकी हार के कुछ दिनों बाद हुआ, और इस दौरान उनके ठिकाने को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई थी। ये यात्रा ऐसे समय में हुई जब ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने बोल्सोनारो को करप्शन, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के आरोपों की जांच के सिलसिले में अपने सामान्य और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जमा करने का ऑर्डर दिया था। बोल्सोनारो ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है।
अमेरिका बोल्सोनारो व उनके परिवार को जारी करेगा वीजा
वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि वॉशिंगटन उन्हें और उनके परिवार को वीजा जारी करेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि अगर उनसे पूछा जाता, तो वे उनके प्रवेश को मंजूरी दे देते। यहां बताया गया है कि रविवार को चुनाव में हार से लेकर बुधवार को मियामी पहुंचने तक बोल्सोनारो की यात्रा कैसे आगे बढ़ी।
जानें चार दिन में कैसे पहुुंचे अमेरिका
रविवार: चुनाव में हार और हार मानने से इनकार किया। बोल्सोनारो राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में लूला से हार गए। उन्हें लगभग 48% वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी लूला को 52% वोट मिले। उन्होंने इलेक्शन रिजल्ट्स को रद्द करने की मांग की।
सोमवार: सुप्रीम कोर्ट का पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया। बोल्सोनारो ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में बताया कि फेडरल पुलिस ने उन्हें अपने नॉर्मल और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जमा करने का ऑर्डर दिया है। ये नोटिस उस घर के बाहर दिया गया। फ्लेवियो बोल्सोनारो ने कहा कि वो इस ऑर्डर का पालन करेंगे और उन्होंने ब्राजील से भागने की अटकलों को खारिज कर दिया। हालांकि, पासपोर्ट जमा करने की डेडलाइन मंगलवार दोपहर तक तय की गई थी।
मंगलवार: डेडलाइन खत्म होने के बाद, बोल्सोनारो के ठिकाने को लेकर अलग-अलग खबरें सामने आने लगीं। अर्जेंटीना के न्यूज आउटलेट 'इन्फोबे' ने बताया कि वो ब्राजील छोड़कर अर्जेंटीना चले गए हैं और वहां से प्राइवेट जेट के जरिए अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे हैं। अर्जेंटीना के इमिग्रेशन अधिकारियों ने शुरुआत में कहा कि उनके पास उनके देश में एंट्री करने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। वहीं, CNN ब्राजील और अन्य मीडिया आउटलेट्स ने बताया कि सीनेटर अमेरिका चले गए हैं। रॉयटर्स ने भी संकेत दिया कि वो अमेरिका की ओर जा रहे हैं। बाद में अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बोल्सोनारो और उनके परिवार को वीजा जारी किया जाएगा और उन्हें देश में एंट्री की परमिशन दी जाएगी।
बुधवार: अर्जेंटीना, इक्वाडोर और अंत में मियामी पहुंचे। अर्जेंटीना के इमिग्रेशन अधिकारियों ने बताया कि बोल्सोनारो, उनकी पत्नी फर्नांडा एंट्यून्स फिगुएरा बोल्सोनारो और उनकी बेटियां कैरोलिना और लुइजा, मंगलवार को लोकल टाइम रात लगभग 10:50 बजे अर्जेंटीना में दाखिल हुए। उन्होंने ब्राजील को अर्जेंटीना के मिसिओनेस प्रांत से जोड़ने वाले टैंक्रेटो नेवेस इंटरनेशनल ब्रिज को क्रॉस किया। अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद फैमिली 'बेयर्स फ्लाई एसए' द्वारा ऑपरेट एक प्राइवेट चार्टर प्लेन में सवार हुई। फ्लाइट प्लान के अनुसार, इस प्लेन इक्वाडोर का गुआयाकिल शहर जा रहा था। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि प्लेन बुधवार तड़के गुआयाकिल पहुंचा और वहां से मियामी के ओपा-लोका एग्जीक्यूटिव एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गया।
बोल्सोनारो ब्राजील छोड़कर क्यों चले गए
ब्राजील का सुप्रीम कोर्ट बोल्सोनारो के खिलाफ दो मामलों की जांच कर रहा है, जिनमें करप्शन, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के आरोप शामिल हैं। उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है और इन मामलों में उन पर अभी तक कोई फॉर्मल चार्ज तय नहीं किए गए हैं। सीनेट में उनका आठ साल का कार्यकाल 31 जनवरी, 2027 को पूरा हो जाएगा। इसके बाद, उन्हें मिलने वाला वो स्पेशल अधिकार भी खत्म हो जाएगा, जिसके तहत उनसे जुड़े मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होती है।




















