यमन में बड़ा खेल, सऊदी के खिलाफ ईरान समर्थित हूतियों की मदद कर रहा UAE, गुप्त खुफिया जानकारी शेयर करने का सनसनीखेज आरोप

जेद्दा। में सऊदी समर्थित फोर्सेज के खिलाफ लड़ाई में UAE सीक्रेट तरीके से ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की मदद कर रहा है। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का हवाला देते हुए, ड्रॉप साइट न्यूज ने बताया कि UAE से जुड़ी यमनी सेना हूतियों (जिन्हें अंसारल्लाह भी कहा जाता है) को निशाना तय करने में मदद कर रहे थे और अबू धाबी ने इस पर आंखें मूंद रखी थीं। सूत्रों ने ये भी आरोप लगाया कि UAE ने विद्रोहियों के साथ डायरेक्ट इंटेलिजेंस शेयर की ताकि वे यमन के भीतर सऊदी समर्थित सरकारी सेना को निशाना बना सकें। दोनों पक्षों के बीच कम्युनिकेशन चैनल्स की जानकारी रखने वाले एक यमनी सूत्र ने ड्रॉप साइट न्यूज को बताया कि UAE ने सना-स्थित सरकार को काफी अहम इंटेलिजेंस दी है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता अभी भी खुला है।
खुद के कम्युनिकेशन चैनल्स स्थापित कर लिए
सूत्रों ने ड्रॉप साइट न्यूज को बताया कि हूतियों ने UAE के प्रति वफादार मिलिट्री कमांडरों के साथ अपने खुद के कम्युनिकेशन चैनल्स स्थापित कर लिए हैं। इन सूत्रों ने
पहचान गुप्त रखने की शर्त पर ये जानकारी दी। उन्हें इस गुप्त व्यवस्था के बारे में सार्वजनिक रूप से बात करने की अनुमति नहीं है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच UAE और हूतियों के बीच सहयोग
ये सहयोग इसलिए अहम है क्योंकि UAE और हूतियों की आइडियोलॉजी और जियो-पॉलिटिकल स्थितियां एक-दूसरे के बिल्कुल भिन्न हैं। अबू धाबी के संबंध वॉशिंगटन और इजराइल के साथ बहुत नजदीकी हैं, वहीं हूतियों के संबंध ईरान के साथ गहरे हैं। हालांकि, ड्रॉप साइट न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की शुरुआत में जब सऊदी अरब ने यमन में UAE को दरकिनार कर दिया, तो दोनों पक्षों के हित कुछ हद तक एक समान हो गए। इससे अबू धाबी को यमन में अपना सामरिक प्रभाव फिर से हासिल करने का मौका मिल सकता है।
सऊदी अरब पर हूतियों के हमले और यमन में लड़ाई तेज
ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब सऊदी अरब पर हूतियों के हमले और यमन के भीतर लड़ाई तेज हो गई है। विद्रोहियों ने सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया है, जिसमें वहां का मुख्य एयरपोर्ट भी शामिल है। इन हमलों में 12 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इन हमलों के कारण 'फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव' सम्मेलन को भी कैंसिल करना पड़ा है। इस बीच, यमन के सरकारी अधिकारियों ने इंटरनेशनल सपोर्ट की अपील की है, क्योंकि हूतियों ने ताइज शहर की घेराबंदी और सख्त कर दी है। अधिकारियों ने बताया है कि लड़ाई तेज हो गई है, रिहायशी इलाकों पर अटैक हो रहे हैं और पानी की सप्लाई तक पहुंच लिमिटेड कर दी गई है। हालांकि, इनमें से कुछ दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
तनाव कम करने के कूटनीतिक प्रयास भी जारी
बढ़ते तनाव को कंट्रोल करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास भी चल रहे हैं। मिस्र के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब और UAE के अपने समकक्षों के साथ बातचीत की है। साथ ही काहिरा ने सऊदी अरब को मिलिट्री सपोर्ट देने का ऐलान किया है, जिसे उन्होंने पूरी तरह से रक्षात्मक बताया है। वहीं, ईरान ने क्षेत्र देशों से बातचीत के जरिए अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करने का आह्वान किया है और बाहरी ताकतों के सैन्य हस्तक्षेप का विरोध किया है।




















