बाबुओं की लापरवाही से बढ़ीं कॉलेज प्राचार्यों की मुश्किलें, गलत फॉन्ट, अधूरी जानकारी और PDF भेजने पर उच्च शिक्षा विभाग ने जताई नाराजगी

जबलपुर। बाबुओं की लापरवाही का ठीकरा अब कॉलेजों के प्राचार्यों के सिर पर फूट सकता है। अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों के शैक्षणिक और अशैक्षणिक स्टाफ की जानकारी तैयार करने और विभाग को भेजने में हुई गड़बड़ियों ने प्राचार्यों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों से प्राप्त जानकारी की जांच के बाद करीब एक दर्जन कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र भेजकर उनके द्वारा की गई खामियाें उजागर करते हुए नाराजगी व्यक्त की है। गौरतलब है कि विभाग ने 28 सितंबर 2026 को पत्र जारी कर निर्धारित प्रारूप में जानकारी मांगी गई थी। इसे 5 अक्टूबर तक उपलब्ध कराना था। इसके बावजूद जानकारी तैयार करने में लापरवाही सामने आई।
इन जिलों के कॉलेजों ने नहीं किया आदेश का पालन
विभाग ने जबलपुर के पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस सहित भोपाल, हरदा, नर्मदापुरम, विदिशा, इंदौर, सतना, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मुरैना, नरसिंहपुर, नीमच, नेपानगर, रीवा और सागर के कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र भेजकर की जा रही लापरवाही का उल्लेख करते हुए नाराजगी जताई है।
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इस गलती से नाराज हैं आला अफसर
इस मामले में कहीं जानकारी अलग-अलग फॉन्ट में दर्ज की गई, तो कहीं निर्धारित कॉलम में गलत विवरण मिला। कुछ संस्थानों ने केवल पीडीएफ फाइल भेजी, जबकि एक्सेल शीट उपलब्ध नहीं कराई। कई मामलों में अनुदान के अंतर्गत पद स्वीकृत या मान्य करने संबंधी आदेश भी नहीं दिए गए। इसके चलते पूरा काम प्रभावित हो गया, जिसे लेकर आला अफसर खासे नाराज हैं।
फॉन्ट बदलकर भेजे तो किसी ने एक्सल की जगह भेजी पीडीएफ
बताया जाता है कि कई कॉलेजों ने जानकारी मंगल (यूनिकोड) फॉन्ट के बजाय अलग-अलग फॉन्ट में तैयार की। कुछ ने एक्सेल शीट के स्थान पर केवल पीडीएफ भेजी। वहीं, एक्सेल शीट में राशि लिखते समय कॉमा का इस्तेमाल किया गया, जबकि निर्देशों के अनुसार ऐसा नहीं किया जाना था। इन गलतियों के कारण विभाग को जानकारी एकत्रित करने और उसका मिलान करने में दिक्कत आ रही है।
प्राचार्यों की जवाबदेही पर सवाल
विभाग ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि 30 सितंबर को गूगल मीट के माध्यम से शिक्षाधिकारियों को जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद गलतियां मिलने से विभागीय स्तर पर काम प्रभावित हुआ है। पत्र मिलने के बाद अब कॉलेज के प्राचार्य इन बाबुओं पर कार्यवाही की तैयारी कर रहे हैं।
जानकारी सुधार करके बुला रहे हैं
कुछ कॉलेजों द्वारा स्वीकृत प्राध्यापकों के पद की जानकारी नहीं दी गई थी। साथ ही जो जानकारी दी गई उसे कम्पाइल करके भेजा है। शासन के पत्र के बाद यह जानकारी उन कॉलेजों के सुधार करके बुलाई जा रही है।
-प्रो. (डॉ.) अलकेश चतुर्वेदी, लीड कॉलेज प्राचार्य




















