मप्र विधानसभा अगले सत्र से होगी पेपरलेस, विधायकों की ट्रेनिंग शुरू; 'नेवा' ऐप से दिखेगा परफाॅर्मेंस

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने ऐलान किया है कि शीतकालीन सत्र से सदन की कार्रवाई पेपरलेस हो जाएगी। विधायक, ऑनलाइन सवाल पूछेंगे। विभागों के जवाब और सदन की कार्यसूची डिजिटल मिलेगी। इससे सरकारी खर्च और कागज की बचत होगी। बुधवार से विधायकों की ट्रेनिंग शुरू हो गई। 'नेवा' ऐप के जरिए अपने विधायकों का परफार्मेंस भी देख सकेंगे नागरिक। विधानसभा परिसर में विधायकों की कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्पीकर तोमर ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूरदृष्टि वाले नेता बताते हए उन्होंने केंद्र में मंत्री रहते हुए अपने निजी संस्मरण भी सुनाए। यह भी बताया कि कैसे 'मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल क्रांति' को आज पूरी दुनिया सराह रही है। पीएम किसान निधि हो या फिर लाड़ली बहना की राशि, एक क्लिक से लाभार्थी के खाते में पहुंच रही है।
विधानसभा की ट्रेनिंग में शामिल विधायक
ऑनलाइन होने की वजह से सवालों की संख्या बढ़ी
स्पीकर ने बताया कि पहले 700-800 सवाल आते थे लेकिन ऑनलाइन होने के बाद अब 4 हजार सवाल आने लगे हैं। देश में 21 विधान परिषद और 19 राज्यों में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है। नागालैंड ने सबसे पहले डिजिटलाइजेशन अपनाया।
50-50 के बैच में विधायकों की ट्रेनिंग
विधायकों को 50-50 के समूह में टैबलेट के उपयोग और डिजिटल प्रणाली की ट्रेनिंग शुरू की गई। विधायक टैबलेट के जरिए सवाल पूछ सकेंगे। विधायक अपने सवाल, ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्ताव ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। नेवा एप के जरिए पब्लिक भी प्रश्नकाल का सीधा प्रसारण देख सकेगी। जनता अपने विधायक का परफार्मेंस देख सकेगी।
शेखावत ने बताए साइबर खतरे
लोक लेखा समिति के अध्यक्ष भंवर सिंह शेखावत, प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष अजय विश्नोई और विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने भी संबोधित किया। शेखावत ने डिजिटल प्रणाली की तारीफ करते हुए उसके खतरों को लेकर सजग रहने की नसीहत भी दी। यह भी बताया कि किस तरह साइबर क्राइब और फ्रॉड के खतरे बढ़ रहे है। विश्नोई ने कहा है कि इस प्रणाली के आने से विधायकों की सुविधा बढ़ेगी। जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी। अन्य राज्यों की विधानसभा की कार्रवाई भी देखी जा सकेगी।
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