PU Special :मोहन राज में एक्सटेंशन की हैट्रिक? वीरा राणा, अनुराग जैन के बाद अब अशोक बर्णवाल भी हैं कतार में

मप्र के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होने से पहले उनके सेवा विस्तार को लेकर अटकलें तेज हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल में वीरा राणा और अनुराग जैन को पहले ही एक्सटेंशन मिल चुका है। बर्णवाल को भी सेवा विस्तार मिलता है, तो लगातार तीन मुख्य सचिवों को एक्सटेंशन देने का यह घटनाक्रम प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में उल्लेखनीय होगा।
मोहन राज में एक्सटेंशन की हैट्रिक? वीरा राणा, अनुराग जैन के बाद अब अशोक बर्णवाल भी हैं कतार में
अशोक बर्णवाल, अनुराग जैन और वीरा राणा

मनीष दीक्षित, भोपाल। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने जब से मप्र के प्रशासनिक मुखिया की कमान संभाली है, तभी से यह सवाल चर्चा में है कि क्या उन्हें भी अपने पूर्ववर्तियों की तरह सेवा विस्तार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ उनके तालमेल और कामकाज के तरीके को देखते हुए उनके कार्यकाल में विस्तार की संभावना को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

...तो मप्र के इतिहास में उल्लेखनीय घटनाक्रम होगा

बर्णवाल को एक्सटेंशन मिलता है, तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल में लगातार तीन मुख्य सचिवों को सेवा विस्तार मिलने का सिलसिला पूरा हो जाएगा। वीरा राणा और अनुराग जैन को पहले ही एक्सटेंशन मिल चुका है। यदि ऐसा होता है तो मप्र के प्रशासनिक इतिहास में एक उल्लेखनीय घटनाक्रम होगा। बर्णवाल के पास फिलहाल ज्यादा समय नहीं है। उन्होंने 23 जुलाई 2026 को मुख्य सचिव का कार्यभार संभाला था और जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का फैसला हुआ, तो आने वाले महीनों में इस पर गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

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दूसरे राज्यों में भी किए गए एक्सटेंशन

मुख्य सचिवों के सेवा विस्तार के मामले में मप्र अकेला राज्य नहीं है। हाल के महीनों में राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और प. बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल को छह-छह महीने का एक्सटेंशन मिला है। आंध्रप्रदेश के मुख्य सचिव जी. साई प्रसाद को भी दूसरी बार छह महीने का सेवा विस्तार दिया गया है। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को भी दूसरा एक्सटेंशन मिल चुका है। हालांकि, हर मामले में अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की मंजूरी और संबंधित नियमों के तहत होता है। बर्णवाल के मामले में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनके सेवा विस्तार के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मप्र में एक्सटेंशन का इतिहास

मप्र में 1989-90 तथा 1990-91 में आरएस खन्ना और आरपी कपूर को सेवा विस्तार देने के साथ ही मुख्य सचिवों को सेवा विस्तार देने की परंपरा शुरू हुई थी।

शिवराज सिंह चौहान ने चुनावी वर्षों में दिए थे एक्सटेंशन

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भी तीन मुख्य सचिवों को सेवा विस्तार मिला था। इनमें आर. परशुराम को 2013, बीपी सिंह को 2018 में और इकबाल सिंह बैंस को 2022-23 में एक्सटेंशन मिला था इन तीनों अफसरों को विधानसभा चुनाव वाले वर्षों में एक्सटेंशन दिया गया था। बैंस को दो बार छह-छह महीने का एक्सटेंशन मिला था। अनुराग जैन प्रदेश के पहले मुख्य सचिव बने, जिन्हें एकमुश्त एक साल का एक्सटेंशन दिया गया।

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By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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