PU Special :जनवरी 2027 में होने वाली मप्र की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर संशय, प्रधानमंत्री कार्यालय से तारीख तय नहीं, बड़े आयोजनों ने बढ़ाई मुश्किल

अशोक गौतम, भोपाल। मध्यप्रदेश में जनवरी के पहले सप्ताह में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) के आयोजन पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। राज्य सरकार ने पांच जनवरी के आसपास समिट आयोजित करने की तैयारी तेज कर दी है। दूसरे राज्यों में भी इसका प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से अब तक तारीख की अंतिम पुष्टि नहीं होने के कारण आयोजन को लेकर असमंजस बना हुआ है।
बड़े कार्यक्रमों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ाई
जनवरी में प्रस्तावित कई बड़े कार्यक्रमों ने सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सरकार चाहती है कि जैसे पिछले जीआईएस में पीएस ने मप्र को समय दिया था, वैसे ही इस उसका समय जीआईएस में भी मिले। दरअसल, 17 जनवरी को भोपाल में सेना का राष्ट्रीय स्तर का बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें रक्षा मंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और सेना के शीर्ष अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। इसकी तैयारियां दिसंबर से ही शुरू करनी होंगी। ऐसे में प्रशासनिक अमले के सामने एक साथ दो बड़े आयोजनों की चुनौती रहेगी।
सीएम की दावोस यात्रा और गुजरात समिट भी चुनौती
जनवरी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दावोस यात्रा भी प्रस्तावित है। इसमें मुख्यमंत्री करीब दस दिन व्यस्त रह सकते हैं। इसी महीने गुजरात में निवेशक सम्मेलन होने से उद्योगपतियों और बड़े निवेशकों की भागीदारी सुनिश्चित करना भी चुनौतीपूर्ण होगा। निवेशकों को आमंत्रित करने और कार्यक्रम तय करने के लिए पर्याप्त समय चाहिए।
फरवरी में बजट सत्र की व्यस्तता
जनवरी में समिट टलने की स्थिति में फरवरी में आयोजन की गुंजाइश भी सीमित रहेगी। फरवरी के दूसरे पखवाड़े में विधानसभा का बजट सत्र प्रस्तावित है। सरकार को बजट की तैयारियों के साथ सदन में विपक्ष के सवालों का जवाब भी देना होगा। ऐसे में जीआईएस की नई तारीख तय करना सरकार के लिए चुनौती बन सकता है।
कार्यक्रम स्थल की तैयारी में दो माह का समय
समय मिलने के बाद कार्यक्रम स्थल की (सतगढ़ी) तैयारी करने में भी दो माह का समय लगेगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया और डोम तैयार करने वाले बेंडर को एक माह का समय चाहिए, क्यों पिछले वर्ष दो माह का समय लगा था। इसके अलावा सड़कें चौड़ीकरण करना, हेलीपैड बनाना और वहां निवेश उपयुक्त जगह तैयार करना होगा।
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आमंत्रण देने के लिए भी समय चाहिए
निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए भी सरकार के पास करीब एक माह का समय लगेगा। हालांकि सभी राज्यों में निवेशकों को जीआईएस में आमंत्रण देने के लिए उद्योग विभाग की टीमें सभी राज्यों में पहुंच गई हैं। लेकिन अभी बिना तारीख के आमंत्रण दिया जा रहा है, तारीख तय होने के कारण प्रॉपर सरकार की तरफ से आमंत्रण पत्र और अंबानी, अड़ानी, टाटा, बिड़ला जैसे अन्य बड़े उद्योगपतियों के लिए सरकार का बड़ा डेलीगेट्स जाएगा।
पीएम का समय मिलते ही तय होगी तारीख
इस बारे में उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई का कहना है कि जीआईएस का कार्यक्रम प्रदेश में जनवरी में प्रस्तावित है। शासन की तरफ से पीएमओ में प्रधानमंत्री के समय लेने के लिए पत्र भेजा गया है। पीएम के समय मिलने पर जीआईएस की तारीख तय हो जाएगी। जीआईएस की तैयारी अलग-अलग स्तर पर की जा रही है। जीआईएस की जगह (सतगढ़ी) पहले से तय है, सड़कों के चौड़ीकरण का भी काम शुरू हो गया है।
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