PU Special :अध्यात्म में डूबे पति ने पत्नी को कहा ‘बहन तुल्य’, परिवार बचाने मीडिएशन सेंटर पहुंची महिला

पल्लवी वाघेला, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक महिला अपने वैवाहिक जीवन को बचाने की गुहार लेकर मीडिएशन सेंटर पहुंची। महिला का आरोप है कि उसके पति धीरे-धीरे उससे दूरी बनाने लगे। शुरुआत में उसे लगा कि शायद पति की जिंदगी में कोई दूसरी महिला है लेकिन बाद में पति ने अध्यात्म और संन्यास की राह पर चलने की बात कही। महिला के मुताबिक पति अब उसे पत्नी के बजाय ‘बहन तुल्य’ कहकर संबोधित करते हैं। मामले में मीडिएशन सेंटर ने पति को काउंसलिंग के लिए बुलाया है। जबलपुर क्षेत्र में कार्यरत पति ने अगले सप्ताह आने की बात कही है।
अध्यात्म और मोक्ष की राह पर चलने की बात कह रहे पति
महिला के मुताबिक उसकी शादी को करीब 10 साल हो चुके हैं और दंपति का आठ साल का एक बेटा भी है। पत्नी एक सरकारी दफ्तर में कार्यरत है जबकि पति जबलपुर क्षेत्र में एक सरकारी बैंक में नौकरी करते हैं। महिला ने मीडिएशन सेंटर में बताया कि पति ने उससे कहा कि वह अध्यात्म से जुड़ चुके हैं और भगवान बुद्ध की तरह मोक्ष प्राप्त करना चाहते हैं। पति का कहना है कि अब वह सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठ चुके हैं। इसी सोच के चलते वह पत्नी को भी ‘बहन तुल्य’ मानने लगे हैं। महिला के अनुसार पति का कहना है कि वह गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी अब उसे दांपत्य सुख नहीं दे सकते। पत्नी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि किसी भी महिला के लिए अपने पति से इस तरह की बात सुनना बेहद पीड़ादायक है।
पत्नी ने पति को सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए किया था प्रेरित
महिला ने बताया कि शादी से पहले ही वह सरकारी नौकरी में कार्यरत थी जबकि उसके पति निजी क्षेत्र में नौकरी करते थे। पत्नी के मुताबिक उसने पति को सरकारी नौकरी की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पति ने बैंक की भर्ती परीक्षा दी और दूसरे प्रयास में उनका चयन हो गया। महिला का कहना है कि करीब तीन साल पहले पति का तबादला जबलपुर क्षेत्र में हुआ था। वहां वह किसी संस्था के संपर्क में आए। पत्नी के मुताबिक इसके बाद से ही उनके व्यवहार में बदलाव आने लगा।
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भोपाल आना कम किया, पत्नी से बातचीत भी घटाई
महिला के अनुसार जबलपुर क्षेत्र में पदस्थापना के बाद पति का भोपाल आना कम हो गया। जब वह घर आते भी थे, तो पत्नी से बातचीत करने से कतराते थे। पति के इस बदले व्यवहार से परेशान होकर पत्नी ने उनसे बार-बार पूछा कि वह अजनबियों जैसा बर्ताव क्यों कर रहे हैं। महिला का कहना है कि इस पर पति ने बताया कि वह मोक्ष प्राप्त करने की राह पर चल रहे हैं। पत्नी ने जब परिवार और वैवाहिक जिम्मेदारियों से दूरी बनाने को लेकर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही, तो पति ने कहा कि पत्नी खुद अच्छा कमाती है और उसे उनके पैसों की जरूरत नहीं है। पति ने यह भी कहा कि उनके पैसों को जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। महिला ने मीडिएशन सेंटर से अपने परिवार को टूटने से बचाने की अपील की है।
पति ने कहा- अपना जीवन जीने के लिए स्वतंत्र हूं
मामले को लेकर मीडिएशन सेंटर प्रभारी ने पति से फोन पर बात की। महिला की ओर से बताई गई जानकारी के अनुसार पति ने फोन पर कहा कि यह उनका जीवन है और उसे किस तरह जीना है, इसका चुनाव करने के लिए वह स्वतंत्र हैं। फिलहाल पति को आमने-सामने बैठाकर काउंसलिंग करने की तैयारी है। पति ने अगले सप्ताह मीडिएशन सेंटर आने की बात कही है। काउंसलिंग के बाद ही उनके व्यवहार और वैवाहिक विवाद से जुड़ी परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।
गृहस्थ जीवन के साथ भी संभव है अध्यात्म
मीडिएशन सेंटर की संचालक प्रतिभा राजगोपाल ने कहा कि पति-पत्नी को आमने-सामने बैठाकर काउंसलिंग करने के बाद ही वास्तविक समस्या स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने बताया कि प्रयास किया जाएगा कि पति को समझाया जाए कि इस तरह जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ना सही नहीं है। प्रतिभा राजगोपाल के मुताबिक व्यक्ति गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ समाज के लिए काम कर सकता है और अपने मन की शांति के लिए भी प्रयास कर सकता है। काउंसलिंग का उद्देश्य दंपति के बीच संवाद स्थापित करना और परिवार को बचाने की संभावनाओं पर काम करना होगा।




















