MP Weather Update: सुबह बारिश, दिन में बादल और रात में ठंड! MP में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर जारी; कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात 'अर्नब' का असर मध्य प्रदेश में दूसरे दिन भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार को सिंगरौली और पांढुर्णा में सुबह से तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। वहीं, मंडला में भारी बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत कई जिलों में भी बादल, हल्की बारिश और गरज-चमक का असर रहने की संभावना है। दूसरी ओर, इंदौर, उज्जैन और रतलाम समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
चक्रवात अर्नब से बदला मौसम
मध्य प्रदेश में चक्रवात अर्नब से जुड़े मौसम तंत्र का असर गुरुवार को भी बना हुआ है। प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश तथा तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। कई इलाकों में बादल छाए रहने से धूप नहीं निकल रही है, जबकि ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। सिंगरौली और पांढुर्णा में सुबह से बारिश होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में आसमान में धुंध छाई रही और धूप नहीं निकली। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को दिन के समय भी हल्की ठंड महसूस हुई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने, हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी का असर रह सकता है। हालांकि, हर जिले में मौसम की स्थिति एक जैसी रहने की संभावना नहीं है।
मंडला में अतिभारी बारिश की चेतावनी
मंडला जिले में बुधवार शाम तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को जिले में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। तेज बारिश और हवाओं के कारण निचले इलाकों में जलभराव, पेड़ों की शाखाएं टूटने और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी-नालों और तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने की जरूरत है। मंडला में रहने वाले लोगों को घर से निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी देखनी चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना भी जरूरी है।
इन जिलों में बारिश और आंधी के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, गुरुवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने, हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी का असर रह सकता है। इन जिलों में भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा, आगर-मालवा, शाजापुर और देवास, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी और नरसिंहपुर। पांढुर्णा, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल है। इन इलाकों में मौसम का असर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। कहीं सिर्फ बादल छाने की संभावना है, तो कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
इन जिलों में खिली रहेगी धूप
प्रदेश के सभी हिस्सों में बारिश का असर नहीं रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है। इन जिलों में नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बारिश और आंधी का अलर्ट नहीं बताया गया है। हालांकि, मौसम के पूर्वानुमान में बदलाव संभव है, इसलिए स्थानीय अपडेट पर नजर रखना बेहतर होगा।
शाजापुर में सबसे कम 12.8 डिग्री तापमान
मध्य प्रदेश में बारिश और ठंडी हवाओं के बीच रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शाजापुर के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो बताए गए स्थानों में सबसे कम रहा।
इन शहरों में 34 डिग्री के आसपास पारा
आंधी और बारिश के कारण प्रदेश के कुछ इलाकों में दिन के तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, कई शहरों में अधिकतम तापमान अब भी 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। खजुराहो, खंडवा, रतलाम, खरगोन और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 33.2 से 34.2 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। इस तरह मध्य प्रदेश में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश तथा तेज हवाओं का असर है, तो दूसरी तरफ कई पश्चिमी जिलों में धूप निकलने की संभावना बनी हुई है।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान क्या सावधानी रखें?
मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए-
- तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर होर्डिंग से दूर रहें।
- बिजली कड़कने पर खुले मैदानों में खड़े होने से बचें।
- किसान और व्यापारी खुले में रखी फसल तथा कृषि उपज को सुरक्षित ढककर रखें।
- जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले पानी से गुजरने से बचें।
- बाहर निकलने से पहले अपने जिले का ताजा मौसम पूर्वानुमान जरूर देखें।



















