ताजा खबरभोपालमध्य प्रदेश

श्रीलंका के सीता मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे मप्र से श्रद्धालु

मंदिर के लिए जनकपुरी से पहुंची मिट्टी, साड़ी और केसर, नर्मदा-सरयू के पवित्र जल से किया गया अभिषेक

भोपाल। अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद अब श्रीलंका की अशोक वाटिका (नुवारा एलिया) में माता सीता के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा भी संपन्न हो गई। यह वही स्थल है, जहां माता सीता को कैद में रखा गया था। प्राणप्रतिष्ठा के पहले मां जानकी की भव्य मूर्ति का भारत की पवित्र नदियों के जल से अभिषेक किया गया। मप्र से नर्मदा जल और राम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या की ओर से पवित्र सरयू जल भी भेजा गया था। अब इस मंदिर में माता सीता के दर्शन के लिए मप्र से श्रद्धालुओं को ले जाया जाएगा। इसके लिए वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस के प्रतिनिधि मप्र के धर्मस्व मंत्री से बात करेंगे।

श्रीलंका से हमारे प्राचीन व मजबूत रिश्ते : मंत्री

मप्र के संस्कृति और धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र लोधी कहते हैं कि भगवान राम हमारे आराध्य हैं। हमारे यहां सांची स्तूप में हर साल श्रीलंका से हजारों तीर्थयात्री आते हैं। अब यहां के श्रद्धालु भी सीता मंदिर के दर्शन को वहां जाएंगे। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। दोनों देश के बीच यह मंदिर मजबूत रिश्तों का माध्यम बनेगा। श्रीलंका से हमारे प्राचीन और मजबूत रिश्ते हैं।

हमारा सौभाग्य : विश्नोई

विश्नोई ने कहा-यह हमारा सौभाग्य है कि आयोजन समिति ने कार्यक्रम में बतौर अतिथि आमंत्रित किया। वहां भारत से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। दिल्ली का जैन परिवार अशोक वाटिका में 30 लाख रुपए की लागत से सभागार बनवा रहा है।

मप्र का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में

मप्र सरकार ने 2010 में यहां मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था। श्रीलंका सरकार ने कोलंबो के पास स्थित हिल स्टेशन ‘नुवारा ऐलिया’ (अशोक वाटिका) में मंदिर निर्माण की सहमति दी थी। लेकिन यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया।

संबंधित खबरें...

Back to top button