Delhi Train Accident:मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरे, 53 ट्रेनें प्रभावित, यात्रियों को हुई भारी परेशानी

नई दिल्ली। दिल्ली मंडल के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल गाजियाबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर आज सुबह बड़ा रेल हादसा हो गया। एक मालगाड़ी के छह लदे हुए डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। हादसा साहिबाबाद स्टेशन से नई दिल्ली की ओर करीब एक किलोमीटर पहले हुआ। दुर्घटना के बाद इस रूट पर रेल संचालन प्रभावित हो गया और कई ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और ट्रैक को जल्द से जल्द चालू करने के लिए बहाली का काम शुरू कराया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री, रेल कर्मचारी या अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
चलती मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरे
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, मालगाड़ी गाजियाबाद से नई दिल्ली की ओर जा रही थी। इसी दौरान अचानक उसके छह लोडेड वैगन पटरी से उतर गए। हादसे के कारण ट्रैक पर रेल यातायात तुरंत रोकना पड़ा। रेलवे ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को घेर लिया और दुर्घटना स्थल पर तकनीकी टीमों को बुलाया गया। डिब्बों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया।
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मौके पर पहुंचे रेलवे के बड़े अधिकारी
दुर्घटना की सूचना मिलते ही डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM), अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) और इंजीनियरिंग, परिचालन तथा सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने ट्रैक की स्थिति का निरीक्षण किया और बहाली कार्य की लगातार निगरानी की। रेलवे की विशेष मशीनों और क्रेन की मदद से पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने का काम शुरू किया गया।
53 ट्रेनों पर पड़ा असर
इस हादसे का सबसे बड़ा असर रेल यात्रियों पर पड़ा। उत्तर रेलवे के अनुसार कुल 53 ट्रेनें प्रभावित हुईं। कई ट्रेनों को देरी से चलाया गया, जबकि कुछ ट्रेनों का मार्ग बदलना पड़ा। कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते से ही वापस लौटाया गया या आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया। स्टेशनों पर यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों को अपनी यात्रा पूरी करने के लिए दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा।
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24 ट्रेनों का बदला गया रूट
रेलवे ने प्रभावित रेलखंड पर दबाव कम करने के लिए 24 ट्रेनों का मार्ग बदल दिया। इन ट्रेनों को दिल्ली और नई दिल्ली के वैकल्पिक रेल मार्गों से चलाया गया, ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो और जरूरी रेल सेवाएं जारी रखी जा सकें। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य होने तक ट्रेनों का संचालन बदले हुए रूट से किया जाता रहेगा।

जनहानि नहीं, यही सबसे बड़ी राहत
रेल हादसा गंभीर था, लेकिन राहत की बात यह रही कि इसमें किसी की जान नहीं गई। उत्तर रेलवे ने बताया कि दुर्घटना में किसी यात्री या रेलवे कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है। रेलवे प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही सभी ट्रेनों का सामान्य संचालन शुरू किया जाएगा।
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यात्रियों को रेलवे की सलाह
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें। यात्रियों को रेलवे की हेल्पलाइन, स्टेशन इंक्वायरी और आधिकारिक सूचना माध्यमों से लगातार अपडेट लेने की सलाह दी गई है। इससे उन्हें ट्रेन रद्द होने, देरी या रूट बदलने जैसी जानकारी समय पर मिल सकेगी।
एक दिन पहले बिलासपुर में भी हुआ था हादसा
दिल्ली के इस हादसे से ठीक एक दिन पहले छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में भी मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। सोमवार दोपहर करगी रोड स्टेशन के पास बिलासपुर-कटनी रेलखंड की डाउन लाइन पर एक खाली मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए थे। यह ट्रेन पेन्ड्रा रोड से बिलासपुर की ओर जा रही थी। घटना के बाद बिलासपुर मंडल के अधिकारी, इंजीनियर और तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे। प्रभावित डिब्बों को दोबारा पटरी पर चढ़ाने और रेल मार्ग को बहाल करने का काम तुरंत शुरू कर दिया गया।











