Sikkim Tunnel Collapse :हादसे में मौत का आंकड़ा पहुंचा 10, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी; PM मोदी ने CM तमांग से की बात

गंगटोक। सिक्किम के नामची जिले के सामरदुंग (झोलुंगे) में NHPC की निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। जिला प्रशासन ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। हादसे के बाद सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान जारी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लिया हाल, मदद का दिया भरोसा
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने बचाव अभियान की समीक्षा की और कहा कि केंद्र सरकार राज्य को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही पीएम मोदी ने मुआवजे का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं मुख्यमंत्री तमांग ने कठिन समय में केंद्र के सहयोग और प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता के लिए उनका आभार जताया।
गैस रिसाव के बाद हुआ हादसा
प्रशासन के अनुसार, सोमवार दोपहर निर्माणाधीन सुरंग के भीतर कथित गैस रिसाव की घटना हुई। उस समय कई मजदूर सुरंग के अंदर काम कर रहे थे। गैस फैलने के बाद कई श्रमिक अंदर ही फंस गए और बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
अब भी कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका
नामची की जिला कलेक्टर अनूपा टमलिंग ने बताया कि सुरंग के अंदर करीब 27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। हालांकि, अंदर की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण सही संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की जा सकी है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की टीम सुरंग के भीतर पहुंच चुकी है। टीम के लौटने के बाद ही अंदर फंसे लोगों की संख्या और उनकी स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

कई एजेंसियां मिलकर चला रही हैं रेस्क्यू
बचाव अभियान में कई एजेंसियां लगातार जुटी हुई हैं, जिनमें शामिल हैं-
- जिला प्रशासन
- सिक्किम पुलिस
- राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF)
- राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF)
- राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA)
- अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा
- स्वास्थ्य विभाग
प्रशासन का कहना है कि अभियान को पूरी सावधानी और सुरक्षा मानकों के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
10 शव मिले, 7 की पहचान
अब तक बरामद 10 शवों में से 7 की पहचान हो चुकी है। इनमें शामिल हैं-
- बोलो उरांव (जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल)
- गोरा उरांव (जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल)
- बाइकेसर उरांव (जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल)
- यासोहल (पठानकोट, पंजाब)
- विकेय रावत (देहरादून, उत्तराखंड)
- बाबुल बोरोदलई (असम)
- लाक्पा दोर्जी तामांग (नामची, सिक्किम)
पुलिस के मुताबिक, तीन शवों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल सिंगताम और एसटीएनएम अस्पताल भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से की अपील
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और अपुष्ट खबरों से बचें तथा बचाव अभियान पूरा होने तक धैर्य बनाए रखें। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी तरह की कमी न रहे।




















