गौपालक सम्मेलन में अमित शाह के बड़े ऐलान, बोले- ‘तारीख पर तारीख’ से अब 3 साल में न्याय तक पहुंचेगी व्यवस्था

भोपाल के भेल दशहरा मैदान में शनिवार को राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। सम्मेलन में पशुपालन, दूध उत्पादन, डेयरी विकास, नई आपराधिक न्याय व्यवस्था और नशे के खिलाफ अभियान को लेकर कई अहम बातें सामने आईं। कार्यक्रम के दौरान उज्जैन में ₹255 करोड़ की लागत से बनने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की आधारशिला रखी गई। इसके साथ ही भोपाल में 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और राज्य स्तरीय केंद्रीय डेयरी प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया। शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया गया।
‘तारीख पर तारीख’ वाली व्यवस्था अब बदलेगी- अमित शाह
अमित शाह ने नई आपराधिक न्याय व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पहले न्याय प्रक्रिया को लंबे समय तक ‘तारीख पर तारीख’ के लिए जाना जाता था। उन्होंने दावा किया कि नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद न्याय व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। शाह के मुताबिक, सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें अपराध से जुड़े मामलों में एफआईआर से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की प्रक्रिया को तीन साल के भीतर पूरा करने की दिशा में काम होगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना है।
दूध उत्पादन को लेकर कांग्रेस पर निशाना
अमित शाह ने सम्मेलन में दूध उत्पादन के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक कांग्रेस के शासन में देश का दूध उत्पादन करीब 14 करोड़ 7 लाख टन तक पहुंचा था, जबकि उनके मुताबिक मोदी सरकार के 10 वर्षों में यह बढ़कर करीब 25 करोड़ टन हो गया। उन्होंने देश के ज्यादा दूध उत्पादन वाले राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि शीर्ष पांच राज्यों में भाजपा शासित राज्य शामिल हैं। इसी बात को लेकर शाह ने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला भी बोला और कहा कि पशुपालकों के लिए पर्याप्त काम नहीं किए जाने के कारण इन राज्यों में कांग्रेस की ‘नो एंट्री’ है। यह अमित शाह का राजनीतिक दावा है।
50 एकड़ जमीन पर होगा गोवंश संवर्धन
सम्मेलन में अमित शाह ने गोवंश संवर्धन और नस्ल सुधार से जुड़ी योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से 50 एकड़ जमीन मांगी गई थी, जिसकी मंजूरी मिल गई है। शाह के अनुसार, इस जमीन पर गोवंश संवर्धन और नस्ल सुधार से जुड़ा काम किया जाएगा। इसके लिए तकनीक का इस्तेमाल करने की योजना है, जिससे पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने और बेहतर नस्ल विकसित करने की दिशा में काम किया जा सके।
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उज्जैन में बनेगा 3 लाख लीटर क्षमता वाला डेयरी प्लांट
गौपालक सम्मेलन में उज्जैन के लिए बड़ी डेयरी परियोजना की शुरुआत हुई
। यहां ₹255 करोड़ की लागत से मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट तैयार किया जाएगा। इस प्लांट की क्षमता हर दिन 3 लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण की होगी। इसके अलावा भोपाल में 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का उद्घाटन किया गया। राज्य स्तरीय केंद्रीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला को भी शुरू किया गया। शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण भी सम्मेलन के दौरान हुआ।
2029 तक नशामुक्त MP का लक्ष्य
अमित शाह ने मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार मध्य प्रदेश को नारकोटिक्स मुक्त बनाने की दिशा में काम करेगी। शाह ने कार्यक्रम में मौजूद माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2029 के बाद मध्य प्रदेश में बच्चों और युवाओं के लिए नशे की कोई जगह न रहे। उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता की बात कही।
डेयरी और पशुपालन पर सरकार का फोकस
सम्मेलन का मुख्य फोकस मध्य प्रदेश में डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देना रहा। नए डेयरी प्लांट, प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने और पशुधन की नस्ल सुधार से जुड़ी योजनाओं के जरिए दूध उत्पादन और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रदेश में दूध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। राज्य में डेयरी सहकारिता से जुड़ी गौपालक दीदियों और पशुपालकों की भूमिका पर भी जोर दिया गया।




















