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 तुर्की से भारत लाया Drug माफिया नवप्रीत सिंह, 281 किलो हेरोइन से जुड़ा मामला, अमित शाह बोले- '2029 तक खत्म होंगे नार्को-कार्टेल'

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी सरगना नवप्रीत सिंह को तुर्की से भारत लाए जाने की जानकारी दी है। नवप्रीत सिंह पर भारत, अफगानिस्तान और तुर्की के बीच सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है।
 तुर्की से भारत लाया Drug माफिया नवप्रीत सिंह, 281 किलो हेरोइन से जुड़ा मामला, अमित शाह बोले- '2029 तक खत्म होंगे नार्को-कार्टेल'
देश तुर्किये से भारत लाया गया ड्रग किंगपिन नवप्रीत सिंह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह के सरगना नवप्रीत सिंह को तुर्की से भारत प्रत्यर्पित कराया गया है। भारतीय एजेंसियों ने उसकी फर्जी पहचान और तुर्की की नागरिकता के बावजूद उसका पता लगाया। गृह मंत्री ने इसे मोदी सरकार की नशे के खिलाफ लड़ाई में बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार दिसंबर 2029 से पहले देश के हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क और भारत में उसकी गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क भारत, अफगानिस्तान और तुर्की के बीच सक्रिय था। नवप्रीत सिंह को भारत लाए जाने के बाद ड्रग तस्करी और अन्य मामलों में हिरासत में रखा गया है।

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तुर्की से भारत कैसे लाया गया नवप्रीत सिंह?

अमित शाह के अनुसार, नवप्रीत सिंह ने कथित तौर पर अपनी असली पहचान छिपाकर ‘नवाब विर्क’ नाम का इस्तेमाल किया और तुर्की की नागरिकता हासिल की थी। इसके बावजूद भारतीय एजेंसियों ने उसकी पहचान और गतिविधियों से जुड़े सुराग जुटाए। गृह मंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि एजेंसियों ने लगातार जांच और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के जरिए उसे भारत वापस लाने में सफलता हासिल की। नवप्रीत सिंह को नव के नाम से भी जाना जाता है। जांचकर्ताओं के अनुसार, वह भारत, अफगानिस्तान और तुर्की के बीच सक्रिय एक बड़े मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़ा था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह इस नेटवर्क का तुर्की स्थित प्रमुख संचालक था। उसका चचेरा भाई प्रभदीप सिंह भारत में नेटवर्क की गतिविधियों को संभालने वाली अहम कड़ी बताया गया है।

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2021 में शुरू हुई थी ड्रग्स नेटवर्क की जांच

इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क की जांच की शुरुआत वर्ष 2021 में दक्षिण दिल्ली से हुई थी। यहां रिजवान कश्मीरी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में जांचकर्ताओं को एक बड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ी तो कई राज्यों और अफगान नागरिकों से जुड़े कथित तस्करी नेटवर्क के सुराग सामने आए। इसके बाद एजेंसियों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की।

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फरीदाबाद में मिली थी 281 किलो हेरोइन

जांच के दौरान फरीदाबाद में दो वाहनों से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई थी। एक वाहन से 166 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। दूसरे वाहन से 115 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई। दोनों बरामदगियों का कुल वजन 281 किलोग्राम बताया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, इन बरामदगियों ने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गतिविधियों को समझने में अहम भूमिका निभाई।

प्रभदीप सिंह का भी हुआ था प्रत्यर्पण

नवप्रीत सिंह के नेटवर्क से जुड़ा उसका चचेरा भाई प्रभदीप सिंह भी जांच एजेंसियों के निशाने पर था। उसे भारत में इस गिरोह की महत्वपूर्ण परिचालन कड़ी बताया गया। जांच के मुताबिक, प्रभदीप सिंह वर्ष 2023 में भारत से फरार हो गया था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी किया गया था। मई 2026 में भारतीय एजेंसियों ने अजरबैजान से उसका प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया। बताया गया कि उसका पता बाकू स्थित एक फ्लैट से लगाया गया था। इस कार्रवाई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), दिल्ली पुलिस, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के बीच समन्वय रहा। भारतपोल प्लेटफॉर्म के जरिए भी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ संपर्क स्थापित किया गया।

क्या है भारतपोल और कैसे करता है काम?

भारतपोल का इस्तेमाल भारतीय जांच एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय अपराधों से जुड़े मामलों में विदेशी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय के लिए करती हैं। जब कोई आरोपी भारत से बाहर भाग जाता है, तब उसकी तलाश, गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय सहयोग महत्वपूर्ण हो जाता है। इस मामले में भी भारतीय एजेंसियों ने विदेशों में आरोपी का पता लगाने और उसे वापस लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर सहयोग किया।

दिसंबर 2029 तक खत्म होंगे नार्को-कार्टेल

नवप्रीत सिंह के प्रत्यर्पण की जानकारी देते हुए अमित शाह ने मोदी सरकार की नशे के खिलाफ नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। नार्को-कार्टेल ऐसे संगठित आपराधिक गिरोह होते हैं, जो बड़े स्तर पर नशीले पदार्थों के उत्पादन, परिवहन और तस्करी से जुड़े होते हैं। सरकार की इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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