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Delhi Police Journalist Guidelines: पत्रकारों के लिए नई गाइडलाइन जारी, पुलिस से दूरी और प्रेस आईडी को लेकर दिए निर्देश

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों के लिए गाइडलाइन जारी की। आईडी कार्ड, पुलिस से दूरी और रिपोर्टिंग को लेकर निर्देश दिए गए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर नेमप्लेट को लेकर सवाल उठे।
Delhi Police Journalist Guidelines: पत्रकारों के लिए नई गाइडलाइन जारी, पुलिस से दूरी और प्रेस आईडी को लेकर दिए निर्देश
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों के लिए गाइडलाइन जारी की।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन के बीच पत्रकारों और पुलिस के बीच बहस और हिरासत से जुड़ी घटनाओं को लेकर चर्चा तेज है। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों के लिए सोशल मीडिया पर एक गाइडलाइन जारी की, जिसमें प्रदर्शन कवर करने के दौरान पत्रकारों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई। हालांकि, गाइडलाइन सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने दिल्ली पुलिस की पोस्ट पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए। 

क्यों जारी हुई पत्रकारों के लिए गाइडलाइन?

जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को कवर करने के लिए बड़ी संख्या में पत्रकार और स्वतंत्र पत्रकार मौके पर पहुंच रहे हैं। इसी दौरान पुलिस और कुछ पत्रकारों के बीच बहस से जुड़े मामले सामने आने के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया। दिल्ली पुलिस ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदर्शन कवर करने वाले पत्रकारों को कुछ जरूरी सावधानियां बताईं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन स्थल पर रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को पुलिस की कार्रवाई और ड्यूटी में बाधा नहीं डालनी चाहिए।गाइडलाइन का उद्देश्य प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना बताया गया।

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पत्रकारों से क्या कहा दिल्ली पुलिस ने?

दिल्ली पुलिस की पोस्ट में पत्रकारों को सबसे पहले अपनी प्रेस आईडी साथ रखने की सलाह दी गई। सिर्फ आईडी रखना ही नहीं, बल्कि उसे इस तरह पहनने को कहा गया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और अन्य लोग आसानी से पहचान सकें कि संबंधित व्यक्ति पत्रकार है।

गाइडलाइन के मुताबिक- 

  • पत्रकार अपना वैध आईडी कार्ड साथ रखें।
  • आईडी कार्ड को स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली जगह पर रखें।
  • पुलिसकर्मियों से उचित दूरी बनाए रखें।
  • पुलिस की कार्रवाई में बाधा न डालें।
  • रिपोर्टिंग के दौरान स्थिति को समझते हुए काम करें।
  • पुलिसकर्मियों के बेहद करीब जाकर माइक न करें।
  • प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखें।

पुलिस के मुंह के पास माइक ले जाने से बचने की सलाह

दिल्ली पुलिस की गाइडलाइन में एक खास बात ने भी लोगों का ध्यान खींचा। इसमें पत्रकारों को पुलिसकर्मियों के बेहद करीब जाकर उनके चेहरे या मुंह के पास माइक ले जाने से बचने की सलाह दी गई। पुलिस का कहना है कि रिपोर्टिंग के दौरान उचित दूरी बनाए रखना जरूरी है। इससे मौके पर अनावश्यक बहस या टकराव की स्थिति से बचा जा सकता है। हालांकि, इसी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस को एक अलग तरह की प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा।

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पत्रकारों को पहचान दिखाने की सलाह

दिल्ली पुलिस की पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने पोस्ट के कंटेंट के साथ-साथ पुलिसकर्मियों की पहचान को लेकर भी सवाल उठाए। यूजर्स का कहना था कि जब पुलिस पत्रकारों से अपनी पहचान स्पष्ट रखने की अपील कर रही है, तो ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की पहचान भी साफ तौर पर दिखाई देनी चाहिए। कुछ यूजर्स ने दावा किया कि तस्वीरों और वीडियो में कुछ पुलिसकर्मियों की नेमप्लेट नजर नहीं आ रही थी। इसी को लेकर कमेंट सेक्शन में दिल्ली पुलिस से सवाल किए गए।

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस की पोस्ट पर कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस को पहले अपने कर्मचारियों की नेमप्लेट की स्थिति देखनी चाहिए। एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की कि पोस्ट शेयर करने से पहले पुलिस को इस पहलू पर भी ध्यान देना चाहिए था। वहीं, एक और प्रतिक्रिया में कहा गया कि चाहे पत्रकार हो या पुलिसकर्मी, ड्यूटी के दौरान पहचान स्पष्ट रहनी चाहिए। इस तरह पोस्ट का उद्देश्य पत्रकारों को जरूरी सावधानियां बताना था, लेकिन सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा हिस्सा पुलिसकर्मियों की पहचान और नेमप्लेट के मुद्दे पर चला गया।

गाइडलाइन पर क्यों शुरू हुई बहस?

इस पूरे मामले में दो अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं। एक तरफ पुलिस का तर्क है कि प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है और पत्रकारों को भी पुलिस की कार्रवाई में बाधा नहीं डालनी चाहिए। दूसरी तरफ पत्रकारों और सोशल मीडिया यूजर्स का सवाल है कि रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों की पहचान जरूरी है तो पुलिसकर्मियों की पहचान भी स्पष्ट होनी चाहिए। खासकर स्वतंत्र पत्रकारों के मामले में यह मुद्दा और महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि प्रदर्शन स्थलों पर पुलिस और मीडिया के बीच दूरी, पहचान और रिपोर्टिंग के तरीके को लेकर अक्सर विवाद देखने को मिलता है।

पत्रकारों के लिए गाइडलाइन में क्या है सबसे जरूरी?

अगर दिल्ली पुलिस की पोस्ट के मुख्य बिंदुओं को आसान भाषा में समझें, तो पत्रकारों को प्रदर्शन कवर करते समय इन बातों का ध्यान रखने को कहा गया है- 

क्या करें

  • प्रेस आईडी हमेशा साथ रखें।
  • आईडी कार्ड साफ दिखाई देने वाली जगह पर लगाएं।
  • पुलिस से उचित दूरी बनाए रखें।
  • सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखें।
  • पुलिस की कार्रवाई को बाधित न करें।

क्या न करें

  • पुलिसकर्मियों के बेहद करीब जाकर माइक न करें।
  • ड्यूटी में बाधा न डालें।
  • बिना पहचान के प्रदर्शन कवर करने से बचें।
  • सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी न करें।
  • अब नेमप्लेट विवाद ने खींचा ध्यान।
Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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