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VIDEO : दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके, घरों से बाहर निकले लोग; काफी देर तक हिलती रही धरती

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VIDEO : दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके, घरों से बाहर निकले लोग; काफी देर तक हिलती रही धरती
नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि काफी देर तक धरती हिलती रही। जिसके बाद लोग दहशत में आने के बाद अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 मापी गई। दोपहर 14:25 बजे आए इस भूकंप का केंद्र नेपाल में था। देखें VIDEO मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल में दो बार भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। पहला भूकंप 2 बजकर 25 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 थी। वहीं दूसरा झटका 2 बजकर 53 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 6.2 मापी गई।

कई जगहों पर महसूस हुए भूकंप के झटके

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में ये भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिसकी तीव्रता 5.5 मापी गई। वहीं उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड में भी भूकंप के तेज झटके आए हैं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, भूकंप से किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं मिली है।

आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?

भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।

कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।

किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है

• 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है। • वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है। • 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो। • 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं। • 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है। • 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है। • 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है। • 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी। • 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है। ये भी पढ़ें- एक बार फिर एमपी के सिवनी में महसूस हुए भूकंप के झटके, लोगों में डर का माहौल
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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