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Delhi Liquor Scam : अरविंद केजरीवाल को फिर झटका, न्यायिक हिरासत 3 सितंबर तक बढ़ी

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Delhi Liquor Scam : अरविंद केजरीवाल को फिर झटका, न्यायिक हिरासत 3 सितंबर तक बढ़ी
नई दिल्ली दिल्ली शराब नीति से जुड़े CBI केस में तिहाड़ जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर झटका लगा है। न्यायिक हिरासत 3 सितंबर तक बढ़ी। बता दें कि आज न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर केजरीवाल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत में पेश किया गया, जहां उनकी न्यायिक हिरासत अवधि बढ़ा दी गई। CBI ने 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी की मांग की थी, लेकिन अदालत ने एक हफ्ते ही हिरासत बढ़ाई। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 अगस्त को केजरीवाल की सीबीआई को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी। इसके साथ ही जमानत के लिए लोअर कोर्ट जाने के लिए कहा था।

केजरीवाल के खिलाफ 2 केस

ED केस – सुप्रीम कोर्ट से 12 जुलाई को जमानत मिल चुकी है। CBI केस – सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया।

HC ने CBI की गिरफ्तारी को बरकरार रखा था

सोमवार (5 अगस्त) को दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित आबकारी नीति घोटाले के मामले में सीबीआई द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी को बरकरार रखा था। सीएम अरविंद केजरीवाल की तरफ से इस गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए याचिका दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई की कार्रवाई में कोई दुर्भावना नहीं है, जिससे पता चलता है कि आम आदमी पार्टी प्रमुख उन गवाहों को कैसे प्रभावित कर सकते हैं, जो उनकी गिरफ्तारी के बाद ही गवाही देने का साहस जुटा सकते हैं। हाई कोर्ट पहले ही उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

21 मार्च को गिरफ्तार हुए थे केजरीवाल

ईडी ने लगभग दो घंटे की पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को उनके आधिकारिक आवास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें शुक्रवार (22 मार्च) को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया और पूछताछ के लिए 10 दिनों की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने छह दिन की रिमांड दी। 28 मार्च को केजरीवाल की रिमांड अवधि खत्म हुई, जो बाद में 1 अप्रैल तक बढ़ा दी गई। कोर्ट ने केजरीवाल को 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा था। जिसके बाद फिर से राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 23 अप्रैल तक बढ़ा दी थी। केजरीवाल​​​​​​ को तिहाड़ जेल में 2 नंबर बैरक में रखा गया है।

HC ने रिमांड को सही ठहराया था

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (9 अप्रैल) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत देने वाली याचिका खारिज कर दी और शराब नीति मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी-रिमांड को सही ठहराया था। हाईकोर्ट ने कहा था- ED ने हमारे सामने पर्याप्त सबूत पेश किए। अपनी याचिका में केजरीवाल ने कहा था कि उनकी गिरफ्तारी PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग कानून) की धारा-19 का उल्लंघन है। जिस पर जस्टिस स्वर्ण कान्त शर्मा ने कहा कि ईडी द्वारा जुटाए गए तथ्यों से पता चलता है कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की शराब नीति बनाने में आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची और इससे मिले पैसों का इस्तेमाल गोवा इलेक्शन में किया।

पहली बार किसी सीएम की हुई गिरफ्तारी

यह पहला ऐसा मामला है जब किसी मुख्यमंत्री को पद पर रहते हुए ही गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले जो भी सीएम किसी आरोप के कारण जांच या फिर गिरफ्तारी के दायरे में आए थे, उन्होंने अपने पद से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले झारखंड के पूर्व CM हेमंत सोरेन को ED ने गिरफ्तार किया था। सोरेन ने ED की हिरासत में राजभवन जाकर इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में अब दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

क्या है पूरा मामला ?

दिल्ली में केजरीवाल की सरकार में डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया ने 22 मार्च 2021 को नई शराब नीति का ऐलान किया था। 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति यानी एक्साइज पॉलिसी 2021-22 लागू कर दी गई। नई शराब नीति लागू करने के बाद सरकार शराब के कारोबार से बाहर आ गई और शराब की पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गई। नई नीति लाने के पीछे सरकार का तर्क था कि इससे माफिया राज खत्म होगा और सरकार का रेवेन्यू में बढ़ेगा। नई नीति से रेवेन्यू में 1500-2000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई थी। नई पॉलिसी में कहा गया था कि दिल्ली में शराब की कुल दुकानें पहले की तरह 850 ही रहेंगी। हालांकि, नई नीति शुरू से ही विवादों में रही। जब बवाल ज्यादा बढ़ गया, तब 28 जुलाई 2022 को सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी पॉलिसी लागू कर दी। मामले में सीबीआई को जांच ट्रांसफर दी गई। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा एंगल आने पर इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हो गई। उसके बाद से AAP के कई सीनियर नेता और उनके करीबी सहयोगी जांच एजेंसी के निशाने पर आ गए। ये भी पढ़ें- चंपई सोरेन आला रे : 30 अगस्त को BJP में एंट्री के बाद झारखंड की पॉलिटिक्स में ‘बड़ी पिक्चर’ के संकेत, जानिए अब तक क्या हुआ
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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