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दिल्ली के जामा मस्जिद के शाही इमाम की अपील : मुसलमानों के मन की बात भी सुनें PM मोदी, बोले- हमारे हालात दलितों से भी बदतर

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दिल्ली के जामा मस्जिद के शाही इमाम की अपील : मुसलमानों के मन की बात भी सुनें PM मोदी, बोले- हमारे हालात दलितों से भी बदतर
नई दिल्ली। दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने देश में हाल की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करने के साथ ही पीएम मोदी से अपील की है। उन्होंने पीएम मोदी से ‘मुसलमानों के मन की बात सुनने’ की गुजारिश की। साथ ही कहा कि, हम सरकार से बातचीत का समर्थन करते हैं और बातचीत के लिए तैयार हैं।

खुलेआम दी जा री धमकी

देश के मौजूदा हालात के कारण मुझे बोलने के लिए मजबूर होना पड़ा है। देश में हालात चिंताजनक हैं और नफरत की आंधी देश में शांति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। उन्होंने पीएम मोदी के रेडियो प्रोग्राम का जिक्र करते हुए कहा, 'आप 'मन की बात' करते हैं, मुसलमानों के मन की बात भी सुनिए। मुस्लिम मौजूदा परिस्थितियों से परेशान हैं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।' जामा मस्जिद के इमाम ने आरोप लगाया कि नफरत और सांप्रदायिक हिंसा से निपटने में कानून "कमजोर" साबित हो रहा है। मुस्लिम इन हालातों से परेशान हैं, वो सोच रहे हैं कि मुल्क का क्या भविष्य होगा? हिंदू, ईसाई और सिख भी यही सोच रहे हैं। एक धर्म को मानने वालों को खुलेआम धमकी दी जा रही है। पंचायतें आयोजित की जा रही हैं, जहां मुसलमानों के बहिष्कार का आह्वान किया गया और उनके साथ व्यापार और व्यवसाय को समाप्त करने की घोषणा की गई।

दलितों से भी बदतर हैं मुसलमानों के हालात

प्रधानमंत्री जी हालात को समझें और गौर करें। आजादी के 75 साल बाद भी मुसलमानों को सामाजिक न्याय नहीं मिला। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट इसका आईना है। हमारे लिए कमीशन बनाए जाते रहे लेकिन कुछ नहीं हुआ। हमारे हालात दलितों से भी बदतर हैं। दुनिया में 57 इस्लामी देश हैं जहां गैर-मुस्लिम भी रहते हैं लेकिन उन्हें उनके जीवन या आजीविका के लिए किसी भी खतरे का सामना नहीं करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि, हाल में हुई घटनाओं ने देश के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मणिपुर, मेवात, ट्रेन में मुसलमानों को मारना, गुरुग्राम में बेगुनाह इमाम का कत्ल हुआ, नूंह में बेगुनाहों के घर गिराए गए हैं। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि हिंदू और मुसलमानों के बीच रिश्ते "खतरे में" हैं। बुखारी ने कहा "भारत में इतनी नफरत क्यों? क्या हमारे पूर्वजों ने इसी दिन के लिए आजादी हासिल की थी? क्या अब हिंदू और मुस्लिम अलग-अलग रहेंगे?' स्थिति को नियंत्रित करना सरकार के हाथ में है।

मुस्लिम बुद्धिजीवियों से बात करने की अपील

उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से कहना चाहता हूं कि उदार बनें और मुस्लिम बुद्धिजीवियों से बात करें। मैं देश के मुसलमानों की ओर से आपसे कहना चाहता हूं कि आप हमसे बात करें, हम तैयार हैं।' केंद्र मौजूदा 'नफरत की आंधी' से 'देश को बचाने' के लिए मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के साथ बैठक कर सकता है।' अन्य राष्ट्रीय खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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