नइ दिल्ली । अगर आज रात आपको दिल्ली के कई इलाकों में अचानक अंधेरा नजर आए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह कोई तकनीकी खराबी या बिजली संकट नहीं, बल्कि एक वैश्विक पहल का हिस्सा है। दिल्ली में आज रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक अर्थ आवर के तहत लोगों से स्वेच्छा से लाइटें बंद करने की अपील की गई है। बिजली वितरण कंपनी BSES ने राजधानी के लाखों उपभोक्ताओं से इस मुहिम में हिस्सा लेने का आग्रह किया है। इस पहल का उद्देश्य केवल एक घंटे के लिए बिजली बचाना नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
अर्थ आवर एक अंतरराष्ट्रीय अभियान है, जिसकी शुरुआत 2007 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा बचत के प्रति लोगों को जागरूक करना है। हर साल दुनिया भर के 190 से अधिक देश इस पहल में शामिल होते हैं। इसमें एक तय समय पर लोगों, संस्थानों और सरकारों से अपील की जाती है कि वे गैर-जरूरी लाइटें बंद करके धरती के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
दिल्ली में यह प्रतीकात्मक ब्लैकआउट आज रात तय समय पर होगा:
समय : रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक
क्या करना है : घरों, ऑफिस और सार्वजनिक स्थानों पर गैर-जरूरी लाइटें बंद रखना
यह पूरी तरह स्वैच्छिक है, यानी इसमें भाग लेना लोगों की इच्छा पर निर्भर करता है।
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साल 2026 के लिए अर्थ आवर की थीम है: “Give an Hour for Earth”
इस थीम का मतलब है कि लोग सिर्फ एक घंटे के लिए लाइट बंद करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने रोजमर्रा के जीवन में भी ऐसे बदलाव लाएं जो पर्यावरण के लिए फायदेमंद हों।
दिल्ली में अर्थ आवर का असर पिछले कुछ वर्षों में काफी सकारात्मक रहा है:
2024 : लगभग 206 मेगावाट बिजली की बचत
2025 : करीब 269 मेगावाट बिजली की बचत
ये आंकड़े दिखाते हैं कि अगर लोग मिलकर छोटे-छोटे कदम उठाएं, तो उसका असर बड़े स्तर पर दिखाई देता है।
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बिजली कंपनी BSES भी पर्यावरण को लेकर कई कदम उठा रही है। कंपनी लगातार अपनी बिजली आपूर्ति में ग्रीन एनर्जी का हिस्सा बढ़ा रही है।
अब तक:
इसके अलावा, लोगों को जागरूक करने के लिए कंपनी SMS, डिजिटल प्लेटफॉर्म और RWA के जरिए अभियान चला रही है।
BSES ने साउथ, वेस्ट, ईस्ट और सेंट्रल दिल्ली के करीब 54 लाख उपभोक्ताओं से इस मुहिम में भाग लेने की अपील की है। अनुमान है कि इससे लगभग 2.25 करोड़ लोग सीधे तौर पर जुड़ सकते हैं। लोगों से कहा गया है कि वे गैर-जरूरी लाइटें बंद करें, ऊर्जा बचत के अन्य उपाय अपनाएं और परिवार और दोस्तों को भी इस पहल से जोड़ें