Naresh Bhagoria
1 Feb 2026
Naresh Bhagoria
1 Feb 2026
Naresh Bhagoria
1 Feb 2026
Aakash Waghmare
1 Feb 2026
राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ती स्मॉग और खराब एयर क्वालिटी के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी और निजी संस्थानों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क‑फ्रॉम‑होम अनिवार्य कर दिया है। स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए छूट दी गई है। इसका उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या घटाना और प्रदूषण को कम करना है। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
बढ़ते प्रदूषण और GRAP-IV (सख्त पाबंदियों) के तहत राजधानी में निर्माण कार्य पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सरकार ने कहा कि इस दौरान प्रभावित सभी पंजीकृत और वेरिफाइड निर्माण मजदूरों के खातों में 10 हजार रुपए सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे। दिल्ली सरकार के अनुसार, लगभग 16 दिनों तक निर्माण कार्य बंद रहने से हजारों मजदूर प्रभावित हुए।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का AQI 329 रिकॉर्ड किया गया, जो बहुत खराब कैटेगरी में आता है। राजधानी के सभी मॉनिटरिंग स्टेशनों पर सुबह 7 बजे हालात गंभीर रहे, हालांकि कुछ इलाकों में यह खराब (Bad) कैटेगरी में रहा। शहर और NCR में घना कोहरा मुख्य रूप से खतरनाक हवा के कारण था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिन भर मध्यम कोहरा रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

दिल्ली सरकार ने पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट न रखने वाले वाहनों को पैट्रोल और डीजल न देने और BS-VI मानक से नीचे के गैर‑दिल्ली वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इन कदमों का उद्देश्य राजधानी में हवा की गुणवत्ता सुधारना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है।

इस दौरान दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 13 वर्षों तक दिल्ली में एक निकम्मा मुख्यमंत्री रहा, जिसने प्रदूषण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। कपिल मिश्रा के अनुसार, आज की गंभीर स्थिति पिछली सरकारों की देन है और इसमें अरविंद केजरीवाल और उनके भ्रष्टाचार की बड़ी भूमिका है। कपिल मिश्रा ने यह भी कहा कि दिसंबर आते ही पूर्व मुख्यमंत्री दिल्ली छोड़ देते थे और पंजाब को दोष देते थे। उनके इन बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।