दमोह:संरक्षित स्थल के जर्जर भवन में ड्यूटी करने मजबूर गार्ड
डॉ. धीरज जॉनसन। जिले के कुंडलपुर स्थित पुरातात्विक महत्व के संरक्षित रुक्मणी मठ परिसर में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां तैनात सुरक्षा गार्ड जिस भवन में ड्यूटी के दौरान रहता है, उसकी हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। भवन के कई हिस्सों से प्लास्टर और निर्माण सामग्री टूटकर गिर रही है जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
जर्जर कमरे में रखता है जरूरी दस्तावेज और सामान
जानकारी के मुताबिक सुरक्षा गार्ड इसी भवन के कमरे में अपने जरूरी दस्तावेज, दैनिक उपयोग का सामान और अन्य आवश्यक सामग्री रखता है। ड्यूटी के दौरान वह यहीं ठहरता भी है। लेकिन भवन की हालत ऐसी हो चुकी है कि वह किसी सुरक्षित आवास के बजाय एक परित्यक्त इमारत जैसा दिखाई देता है।
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बारिश में और बढ़ गया जोखिम
लगातार हो रही बारिश के बीच भवन की छत और दीवारों की कमजोर स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। नमी के कारण दीवारों का प्लास्टर झड़ रहा है और छत से भी मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में यहां रहने वाले सुरक्षा गार्ड की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
धरोहर की सुरक्षा करने वाला खुद असुरक्षित
विडंबना यह है कि जिस कर्मचारी पर ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की धरोहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी है वही खुद असुरक्षित भवन में रहने को मजबूर है। यदि समय रहते भवन की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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स्थानीय लोगों ने की तकनीकी जांच और मरम्मत की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेकर भवन की तकनीकी जांच करानी चाहिए। यदि भवन की मरम्मत संभव हो तो तत्काल मरम्मत कराई जाए। वहीं यदि भवन रहने योग्य नहीं बचा है तो सुरक्षा गार्ड के लिए वैकल्पिक सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए या भवन का पुनर्निर्माण कराया जाए ताकि कर्मचारी सुरक्षित वातावरण में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सके।
Edited By: Sumit Shrivastava














