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फसलें हुईं बर्बाद, इसलिए काम की तलाश में सैकड़ों मजदूरों का पलायन

महिलाओं,बच्चों सहित ग्रामीणों ने कटनी स्टेशन पर डाला डेरा
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फसलें हुईं बर्बाद, इसलिए काम की तलाश में सैकड़ों मजदूरों का पलायन

अजय शर्मा-कटनी। ये कटनी का रेलवे स्टेशन है, यहां सैकड़ों की संख्या में मजदूर अपने परिवार के साथ ट्रेन में बैठकर शहर छोड़ने की जल्दी में हैं। बरही के घटखिरवा निवासी राम सिंह ने बताया कि जिले में हुई भारी बारिश से उनकी फसलें चौपट हो गई हैं। बहुत जगह फसल अच्छी भी नहीं हुई जिससे जीविकोपार्जन की समस्या आ गई है। गांव में काम नहीं मिल रहा, ऐसे में उन्हें मजदूरी के लिए जिला छोड़कर दूसरे प्रदेश में जाना पड़ रहा है।

लखन और रामसुहाने का कहना कि जिले में उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को रोजगार नहीं मिल रहा है। जिन जिलों में फसल अच्छी हुई है वहां जा रहे हैं और पूरे परिवार के साथ ठेका लेकर फसल काटने और अनाज निकालने का काम करेंगे। उधर, जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में रोजगार को लेकर पलायन जैसी स्थिति नहीं है। मनरेगा के तहत रोजगार देने का लक्ष्य शत-प्रतिशत हासिल किया गया था।

दो महीने बाद वापस आएंगे

महेश कुमार और दलपत सिंह ने बताया कि वे दो माह के लिए छत्तीसगढ़ सहित प्रदेश के दूसरे जिलों में फसल कटाई और गहाई करने जा रहे हैं।

स्कूल जाने से वंचित रहेंगे बच्चे

सुमन बाई, प्रियंका सिंह, कुसुमकली ने बताया कि बच्चे हमारे साथ ही रहेंगे। इन्हें किसके भरोसे छोड़ कर जाएं? इनकी पढ़ाई जरूर प्रभावित होगी। दो महीने बाद जब वापस आएंगे तब ही बच्चे स्कूल जा सकेंगे।

ट्रेन में जगह बनाने तीन दिन से कर रहे जद्दोजहद

बरही के घटखिरवा निवासी महेश कुमार, सुखबरिया बाई, पार्वती सिंह, लक्ष्मण सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर पिछले तीन दिन से ट्रेन में जगह बनाने की जुगत में लगे हैं। ट्रेन में जगह नहीं मिलने के चलते प्लेटफार्म और स्टेशन के बाहर के एरिया में घरौंदा बनाए हुए हैं। इस दौरान ये स्टेशन के बाहर भोजन पका कर पेट भर रहे हैं।

जिले में रोजगार नहीं

रेलवे स्टेशनों में एकत्रित मजदूरों की भीड़ यह बताने के लिए काफी है कि जिले में रोजगार के क्या हालात हैं। जिले भर की तमाम फैक्ट्रियों में बाहरी लोगों को रोजगार दिया गया है और स्थानीय लोग रोजगार की तलाश में खानाबदोशों की तरह जीने को मजबूर हैं। -दिव्यांशू मिश्रा, जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई

पलायन जल्द ही बंद होगा

जिले में फसल की स्थिति अच्छी नहीं थी, लिहाजा मजदूर बाहर जा रहे हैं। आने वाले वक्त में पलायन पूरी तरह बंद हो जाएगा। सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सीधे योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही। -दीपक सोनी टंडन,भाजपा जिलाध्यक्ष

इसलिए जा रहे मजदूर

जिले में रोजगार की कोई समस्या नहीं है। ग्रामीणों के बाहर जाने की बात है तो इस सीजन में छग जैसे दूसरे राज्यों में फसल पक कर तैयार हो जाती है। यहां फसल पकने में समय लगता है, इस दौरान खेतों में काम नहीं रहने की वजह से ग्रामीण बाहर जाते हैं। -शिशिर गेमावत, सीईओ, जिला पंचायत

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