Naresh Bhagoria
12 Jan 2026
नई दिल्ली। देश के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शुक्रवार को पद की शपथ लेंगे। यह ऐतिहासिक समारोह सुबह 10 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वयं राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाएंगी। इस अवसर पर उच्चस्तरीय अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहेंगे। राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बनेंगे।
सीपी राधाकृष्णन को एनडीए द्वारा उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया था। उन्होंने संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के अंतर से हराया। इस चुनाव में कुल 781 सांसदों में से 767 ने मतदान किया, जिसमें 752 वोट वैध और 15 वोट अवैध पाए गए। राधाकृष्णन को कुल 452 वोट मिले, जबकि बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट प्राप्त हुए। प्रथम वरीयता के लिए आवश्यक 377 वोटों से ज्यादा समर्थन मिलने से एनडीए उम्मीदवार ने शानदार जीत दर्ज की। इस चुनाव में वाईएसआरसीपी के 11 सांसदों ने भी राधाकृष्णन का समर्थन किया, जिससे विपक्षी खेमे में क्रॉस-वोटिंग की चर्चाएं तेज हो गईं।
उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद सी.पी. राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इससे पहले राधाकृष्णन ने राज्यपाल पद पर रहते हुए पूरे मर्यादित ढंग से जिम्मेदारी निभाई थी। उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से उपराष्ट्रपति पद की शपथ से पहले प्रभावी हो गया।
राजनीतिक विशेषज्ञों ने इसे एनडीए के लिए एक बड़ी जीत बताया है। विशेष रूप से यह ध्यान दिया जा रहा है कि राधाकृष्णन को 14 वोट अपेक्षित से ज्यादा मिले। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि विपक्षी दलों में भी दरारें हैं। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों ने इस चुनावी नतीजे पर प्रतिक्रिया दी, लेकिन राधाकृष्णन की जीत को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सशक्त प्रमाण बताया जा रहा है।