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निलंबन से नहीं चलेगा काम, भ्रष्ट अफसरों की संपत्ति पर चले बुलडोजर : कांग्रेस

नगर निगम सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पांडे के घर लोकायुक्त छापे के बाद कांग्रेस का हमला; नेता प्रतिपक्ष बोलीं- भ्रष्टाचार करने वाले माफिया से भी बड़े, सरकार सभी अधिकारियों की संपत्ति की जांच कराए
निलंबन से नहीं चलेगा काम, भ्रष्ट अफसरों की संपत्ति पर चले बुलडोजर : कांग्रेस
इन्सेट में नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पांडे

इंदौर। नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पांडे के यहां लोकायुक्त की छापेमारी में आय के अनुपात से अधिक संपत्ति सामने आने के बाद कांग्रेस ने नगर निगम और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने मांग की है कि भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियों को केवल जब्त करने या अधिकारी को निलंबित करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ऐसी संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए।

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नगर निगम नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी किसी माफिया से कम नहीं हैं। उनका कहना है कि माफिया सिस्टम के बाहर रहकर अपराध करता है, जबकि भ्रष्ट अधिकारी सिस्टम का हिस्सा बनकर जनता के साथ धोखा करते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ भी उतनी ही सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए।

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लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद निलंबन

शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस ने नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पांडे के निवास पर छापामार कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान उनके पास आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में अधिक संपत्ति मिलने की बात सामने आई। जांच में अवैध कॉलोनी में मकान और उसमें हॉस्टल संचालित होने की जानकारी भी सामने आई। मामले के बाद नगर निगम ने आदेश जारी कर पांडे को निलंबित कर दिया। कांग्रेस ने इसी कार्रवाई को अपर्याप्त बताते हुए सवाल उठाए हैं।

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‘सिर्फ सस्पेंड करने से भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा’

सोनिला मिमरोट ने कहा कि ऐसे मामलों में अधिकारी को केवल निलंबित कर देना पर्याप्त नहीं है। उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति की जांच कर उसे जब्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अवैध निर्माण और संपत्ति जांच में दोषी पाए जाते हैं तो उन पर बुलडोजर की कार्रवाई भी होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है और इसने पूरे सिस्टम को दीमक की तरह खोखला कर दिया है। शहर की जनता टैक्स के रूप में बड़ी राशि नगर निगम को देती है, ऐसे में अधिकारियों की कथित भ्रष्ट गतिविधियों के कारण निगम की व्यवस्था प्रभावित होना गंभीर चिंता का विषय है।

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‘अधिकारियों की संपत्ति की हो व्यापक जांच’

कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार से मांग की कि इंदौर नगर निगम के अधिकारियों और सहायक अधिकारियों की संपत्तियों की व्यापक जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि अधिकारियों के घरों और संपत्तियों की निष्पक्ष जांच की जाए तो कई मामलों में आय से अधिक संपत्ति और कथित बेनामी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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