Manisha Dhanwani
5 Feb 2026
भोपाल। राज्य विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान कांग्रेस और भाजपा के विधायक आमने-सामने रहे। कांग्रेस नेताओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर 'जी राम जी' करने पर प्रदर्शन किया। मनरेगा का नाम बदलने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ विधानसभा परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं भाजपा विधायक ने कहा की रामजी के नाम पर कांग्रेस शुरू से ही विरोध करती आई है, हम राम जी की जय बोलेंगे।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा सरकार नाम बदलने की राजनीति कर जनता के असली मुद्दों रोजगार, महंगाई, किसानों और मजदूरों की समस्याओं—से ध्यान भटकाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के जीवन की गारंटी है, जिसे गांधीजी के नाम से जोड़कर सामाजिक न्याय और स्वाभिमान का प्रतीक बनाया गया था।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा गांधी जी के नाम को बदल रही है—क्या भाजपा को बापू से डर लगता है या फिर वह उनका सम्मान नहीं करती? गांधीजी का नाम हटाना उनके विचारों और संविधान के मूल्यों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि गांधीजी के नाम और उनकी विचारधारा से जुड़े किसी भी प्रतीक के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस बारे में जब मीडिया ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि 'जी राम जी' से कांग्रेस को पहले भी आपत्ति थी क्योंकि कांग्रेस राम विरोधी है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी चाहती हैं कि कांग्रेस भगवान राम का विरोध करे, कृष्ण का विरोध करे, महावीर का विरोध करे, गुरुनानक का विरोध करे, गौतम बुद्ध का विरोध करे।