जेनेटिकली इंजीनियर होंगे US आर्मी के कुत्ते, बेल्जियन मैलिनोइस और जर्मन शेफर्ड से शुरू होगा जेनेटिक प्रोग्राम

न्यूयॉर्क। विलुप्त हो चुके जानवरों को वापस लाने के लिए जानी जाने वाली कंपनी कोलोसल बायोसाइंसेज द्वारा समर्थित एक स्टार्टअप अमेरिकी सेना के कामकाजी कुत्तों की खरीद के तरीके को बदलना चाहता है। वारहाउंड ने 200 मिलियन डॉलर की फंडिंग और 1.2 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन के साथ स्टेल्थ मोड से बाहर आकर शुरुआत की है। इसकी योजना विस्फोटक का पता लगाने और स्पेशल सर्च ऑपरेशन सहित खतरनाक मिशनों के लिए कुत्तों को जेनेटिकली इंजीनियर करने की है। कोलोसल के सीईओ बेन लैम ने डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी एंडुरिल के को-फाउंडर पामर लकी के साथ मिलकर इस वेंचर की स्थापना की है। वारहाउंड का लक्ष्य जेनेटिक इंजीनियरिंग को प्रोटेक्टिव गियर और डिजिटल सिस्टम के साथ जोड़ना है। यह कुत्तों और उनके ह्यूमन हैंडलर्स को सपोर्ट करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। कंपनी एक ऐसे खास बाजार में एंट्री कर रही है जहां घरेलू सप्लाई की कमी है।
सेना के लिए बेहतर कामकाजी कुत्तों को तैयार करेंगे
वारहाउंड का कहना है कि अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 80% से अधिक कामकाजी कुत्ते यूरोप से आते हैं। कंपनी का यह भी दावा है कि इनमें से आधे से भी कम कुत्ते ही सेवा के लिए क्वालिफाई हो पाते हैं। वारहाउंड की योजना दो ऐसी नस्लों से शुरू करने की है जो पहले से ही मिलिट्री और पुलिस ऑपरेशन के लिए अहम मानी जाती हैं। बेल्जियन मैलिनोइस और जर्मन शेफर्ड इसके जेनेटिक इंजीनियरिंग प्रोग्राम के लिए सेल लाइन प्रदान करेंगे। रिसर्चर्स कुत्तों की जेनेटिक संरचना में बदलाव करने से पहले उन सेल लाइनों को एक बायोबैंक में स्टोर करेंगे। इसका मकसद मिशन परफॉर्मेंस से जुड़े गुणों में सुधार करना और वंशानुगत हेल्थ रिस्क को कम करना है।
कई कमियां रोक सकती हैं ट्रेनिंग पूरी करन से
लैम ने टेकक्रंच को बताया कि ट्रेडिशनल ब्रीडिंग से ऐसे कुत्ते पैदा हो सकते हैं जिनकी दृष्टि कमजोर हो या जिनमें कैंसर का जेनेटिक खतरा हो। हिप डिस्प्लेसिया और मसल्स में कमजोरी भी जानवरों को ट्रेनिंग पूरी करने से रोक सकती है। वारहाउंड कुत्तों के स्वास्थ्य और लंबी उम्र के साथ-साथ स्पीड, एजिलिटी और गंध का पता लगाने जैसे गुणों में सुधार करना चाहता है। सूंघने की क्षमता में बढ़ोतरी विस्फोटक खोजने के मिशन के दौरान विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है। यह अप्रोच जेनेटिक इंजीनियरिंग और एनिमल क्लोनिंग में कोलोसल के मौजूदा काम पर आधारित है।
इन प्रजातियों को फिर जीवित करने की कोशिश
कंपनी ने डोडो और वूली मैमथ सहित विलुप्त प्रजाीतियों को फिर से जीवित करने के प्रयास किए हैं। इसकी बायोटेक्नोलॉजी अब एक अधिक तात्कालिक मिलिट्री एप्लिकेशन में काम आ सकती है।
एंडुरिल सुरक्षा तकनीक जोड़ रहा
जेनेटिक्स 'वारहाउंड' (Warhound) की योजना का केवल एक हिस्सा है। एंडुरिल ऐसे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराएगा। इन्हें मिशन के दौरान सेफ्टी और कोऑर्डिनेशन को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें वर्किंग डॉग्स के लिए प्रोटेक्टिव जैकेट और गॉगल्स जैसे इक्विपमेंट शामिल हो सकते हैं। लैम ने सेंसर वाली जैकेट के बारे में भी बताया है। यह हैंडलर्स तक जानकारी पहुंचा सकती हैं, जिससे उन्हें फील्ड की स्थितियों का स्पष्ट अंदाजा मिल सके। उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य कुत्तों को सेवा के दौरान अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और सक्षम बनाना है। एंडुरिल की टेक्नोलॉजी का फोकस जानवरों द्वारा पहने जाने वाले उपकरणों पर होगा, न कि उनके जेनेटिक बदलावों पर।
2027 में पहले कुत्तों के आने की उम्मीद
वारहाउंड को उम्मीद है कि उसके पहले क्लोन किए गए कुत्ते अगले साल की शुरुआत में आ जाएंगे। कोलोसल के स्वामित्व वाली क्लोनिंग कंपनी वायाजेन (ViaGen) इन जानवरों को तैयार करने में मदद करेगी। लैम को उम्मीद है कि ये कुत्ते दो साल के भीतर सेवा में शामिल हो जाएंगे।




















