कोयला लेवी केस भिलाई में सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी संपत्ति पर IT का कब्जा, ढोल बजाकर कराई मुनादी

दुर्ग भिलाई : कोयला लेवी केस में आयकर विभाग ने भिलाई के कोहका स्थित सूर्या रेसीडेंसी में बड़ी कार्रवाई की है। बेनामी संपत्ति प्रभाग, रायपुर की टीम ने A-1 मकान का भौतिक कब्जा लेकर उसे सील कर दिया। न्यायिक रिकॉर्ड में इस मकान को मनीष उपाध्याय से जुड़ा बताया गया है और जांच एजेंसियों ने इसे सूर्यकांत तिवारी से संबंधित कथित बेनामी संपत्ति बताया है। कार्रवाई के दौरान सुपेला पुलिस मौजूद रही और विभाग ने ढोल बजाकर मुनादी भी कराई। इसी परिसर के A-22 मकान पर भी बेनामी संपत्ति कानून के तहत नोटिस लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
भिलाई में IT की बड़ी कार्रवाई
कोयला लेवी मामले से जुड़ी संपत्तियों पर आयकर विभाग ने भिलाई में बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को आयकर विभाग के बेनामी संपत्ति प्रभाग (BPU), रायपुर की टीम ने कोहका स्थित सूर्या रेसीडेंसी के मकान नंबर A-1 को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया।

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सुपेला पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान सुपेला पुलिस की मौजूदगी रही। आयकर विभाग की टीम ने संपत्ति का भौतिक कब्जा लेने के बाद मकान को सील किया और बाहर विभागीय सूचना बोर्ड लगाया। कार्रवाई देर शाम तक चलने की जानकारी सामने आई है।
मनीष उपाध्याय से जुड़ा है A-1 मकान
न्यायिक रिकॉर्ड में जांच एजेंसियों के हवाले से कहा गया है कि मनीष उपाध्याय इसी A-1 मकान में रहता था। रिकॉर्ड के अनुसार, जांच में यह आरोप सामने आया कि मकान की खरीद में सूर्यकांत तिवारी की भूमिका थी और इसे मनीष उपाध्याय के उपयोग के लिए खरीदा गया था।

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संपत्ति को बेनामी बताया गया
जांच एजेंसियों के अनुसार, संपत्ति के वित्तीय लेन-देन की जांच के दौरान इसे सूर्यकांत तिवारी से संबंधित बेनामी संपत्ति के तौर पर चिन्हित किया गया। हालांकि, संपत्ति पर अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित न्यायिक एवं वैधानिक प्रक्रिया के अधीन है।
खसरा नंबर 2028/38, क्षेत्रफल 0.02 हेक्टेयर
रिकॉर्ड के मुताबिक A-1 संपत्ति खसरा नंबर 2028/38 पर स्थित है। इसका क्षेत्रफल करीब 0.02 हेक्टेयर बताया गया है। आयकर विभाग की बेनामी संपत्ति यूनिट ने जांच के बाद इस संपत्ति पर कार्रवाई आगे बढ़ाई।
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ढोल बजाकर कराई गई मुनादी
कार्रवाई के दौरान आयकर विभाग की टीम ने मकान के बाहर ढोल बजाकर मुनादी भी कराई। इसके साथ ही लोगों को संपत्ति पर विभागीय कार्रवाई की जानकारी देने के लिए सूचना बोर्ड लगाया गया।
डायरी में कोड और रकम की एंट्री का भी जिक्र
न्यायिक रिकॉर्ड में जांच एजेंसियों के हवाले से मनीष उपाध्याय के नाम से जुड़े कथित कोड और रकम की प्रविष्टियों वाली डायरी का भी उल्लेख मिलता है। इन्हीं जांच निष्कर्षों के आधार पर संपत्ति के लेन-देन और वास्तविक लाभार्थी को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
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A-22 पर भी IT का शिकंजा
सूर्या रेसीडेंसी में केवल A-1 ही नहीं, बल्कि A-22 मकान पर भी बेनामी संपत्ति अधिनियम के तहत नोटिस लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। न्यायिक रिकॉर्ड में A-22 संपत्ति का संबंध सौम्या चौरसिया के परिवार से जुड़े नामों के साथ दर्ज है।
A-1 और A-22 आमने-सामने
न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार A-1 मकान मनीष उपाध्याय के आवास के तौर पर दर्ज है, जबकि A-21/A-22 संपत्तियां उसी परिसर में स्थित हैं। रिकॉर्ड में दोनों संपत्तियों के बीच जांच एजेंसियों द्वारा बताए गए संबंधों और लेन-देन की जांच का उल्लेख मिलता है।
बेनामी संपत्ति कानून के तहत कार्रवाई
बेनामी संपत्ति से जुड़ी कार्यवाही बेनामी संपत्ति लेन-देन निषेध अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत होती है। कानून में संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी निर्धारित है।
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अब आगे क्या?
A-1 पर भौतिक कब्जा लेकर उसे सील किए जाने के बाद संपत्ति से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं A-22 पर लगाए गए नोटिस के बाद संबंधित पक्षों के दावे और दस्तावेज भी प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। इसलिए संपत्तियों को लेकर जांच एजेंसियों के आरोपों और अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।




















