भोपाल में Claude for Founders मीटअप, 70 फाउंडर्स ने जाना AI से स्टार्टअप को आगे बढ़ाने का तरीका

भोपाल। स्टार्टअप शुरू करने के लिए सिर्फ एक अच्छा आइडिया काफी नहीं, उसे प्रोडक्ट में बदलना और बिजनेस को आगे बढ़ाना भी जरूरी है। इसी चुनौती के बीच AI टूल्स किस तरह फाउंडर्स का काम आसान बना सकते हैं, इसे समझने के लिए एमपी नगर के वरशीस इन होटल में Claude for Founders–Claude Community का मीटअप आयोजित किया गया। इसमें 70 फाउंडर्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में Claude जैसे AI टूल्स के प्रैक्टिकल इस्तेमाल और स्टार्टअप के अलग-अलग कामों में उनकी भूमिका पर चर्चा हुई।
आइडिया से प्रोडक्ट बनाने तक AI के इस्तेमाल पर फोकस
मीटअप में फाउंडर्स ने जाना कि आइडिया को प्रोडक्ट में बदलने, कोडिंग, मार्केटिंग, ऑपरेशंस और फंडरेजिंग जैसे कामों में AI की मदद कैसे ली जा सकती है। इसके साथ ही वर्कफ्लो को बेहतर बनाने और बार-बार किए जाने वाले कामों को ऑटोमेट करने के तरीकों पर भी फोकस रहा। कार्यक्रम में 500 आवेदकों में से 13 प्रतिभागियों को अपने स्टार्टअप और AI के इस्तेमाल पर प्रेजेंटेशन देने के लिए चुना गया। इन प्रतिभागियों ने बताया कि वे अपने काम में AI टूल्स का इस्तेमाल किस तरह कर रहे हैं और इससे उनके काम करने के तरीकों में क्या बदलाव आए हैं।
फाउंडर्स ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम में विराट श्रीवास्तव, अनिरुद्ध श्रीवास्तव, रफ़ी मोहम्मद, डॉ. कौशल के. दास, हर्ष गौर और अनिकेत साहि सहित प्रतिभागियों से बातचीत की गई। उन्होंने मीटअप के उद्देश्य, AI टूल्स पर अपने काम और उनसे जुड़े अनुभवों के बारे में बताया। इन बातचीतों के जरिए यह समझने का मौका मिला कि स्टार्टअप से जुड़े लोग AI टूल्स को अपने काम में किस तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रेजेंटेशन देने वाले स्टार्टअप्स में लाइफ सेंसर एक्स, मेडिकल AI असिस्टेंट, स्टारसाइड टेक्नोलॉजीज, डाटाट्रैक, लूना कैंपस और आरोग्यम हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड शामिल रहे। मीटअप का उद्देश्य फाउंडर्स को AI के ऐसे व्यावहारिक इस्तेमाल से परिचित कराना था, जिन्हें वे अपने बिजनेस में लागू कर सकें।
स्टूडेंट्स से आगे बढ़ा भोपाल का AI कम्युनिटी नेटवर्क
क्लॉड के एंबेसडर अनिकेत साहू के मुताबिक, भोपाल में अब तक 20 से ज्यादा मीटअप आयोजित हो चुके हैं। इनमें हैकाथॉन और वर्कशॉप भी शामिल हैं। शुरुआती दौर में इन कार्यक्रमों में स्टूडेंट्स की भागीदारी ज्यादा थी, लेकिन अब वर्किंग प्रोफेशनल्स, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और स्टार्टअप फाउंडर्स भी कम्युनिटी से जुड़ रहे हैं। अनिकेत साहू ने बताया कि कम्युनिटी का मकसद अनुभव साझा करना और एक-दूसरे से सीखना है। इसमें AI के सकारात्मक इस्तेमाल के साथ उसके फायदे, सीमाओं और संभावित जोखिमों पर भी चर्चा की जाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि AI की मदद से केस स्टडी तैयार करने में संभावित फायदे के साथ उसकी सीमाओं और गलत नतीजों को भी समझना जरूरी है। उन्होंने AI की मदद से प्रोडक्ट तैयार करने के तरीके पर जोर देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में स्टेप-बाय-स्टेप आगे बढ़ना चाहिए, न कि एक बार में पूरी इमारत खड़ी करने की कोशिश करनी चाहिए।




















