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ग्वालियर में मदरसे की 30 करोड़ की जमीन की जांच शुरू, राजस्व रिकॉर्ड खंगाल रहा प्रशासन

ग्वालियर के एजी ऑफिस परिसर स्थित दारुल कुरान मदरसे की जमीन के मालिकाना हक और राजस्व रिकॉर्ड की जांच शुरू हुई है। बाल संरक्षण समिति की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर में मदरसे की 30 करोड़ की जमीन की जांच शुरू, राजस्व रिकॉर्ड खंगाल रहा प्रशासन
मदरसे की 30 करोड़ की जमीन की जांच शुरू

एजी ऑफिस परिसर में संचालित दारुल कुरान मदरसे को लेकर उठे विवाद के बीच अब परिसर की जमीन के मालिकाना हक और राजस्व रिकॉर्ड की जांच शुरू हो गई है। करीब 20 हजार वर्गफुट से अधिक क्षेत्रफल में फैले मदरसा-मस्जिद परिसर की जमीन की कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। जिला प्रशासन ने राजस्व अमले को जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मदरसे में बच्चों के साथ मारपीट और अन्य अनियमितताओं को लेकर भी जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, बाल संरक्षण समिति की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रबंधन के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

जमीन के मालिकाना हक और वक्फ रिकॉर्ड की होगी जांच

मदरसे की जमीन को लेकर मुख्य सवाल यह है कि राजस्व रिकॉर्ड में इसका कितना हिस्सा मस्जिद या ईदगाह के नाम पर दर्ज है और जमीन के मालिकाना हक की वास्तविक स्थिति क्या है। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित स्थान पर मस्जिद या ईदगाह दर्ज होने की जानकारी सामने आई है लेकिन इसका क्षेत्रफल और रिकॉर्ड में दर्ज विवरण की पुष्टि दस्तावेजों की जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन यह भी पता लगाएगा कि जमीन वक्फ बोर्ड के नाम पर दर्ज है या नहीं। यदि ऐसा है, तो इससे संबंधित दस्तावेजों और जमीन को दर्ज किए जाने के आधार की भी जांच की जाएगी। इसके साथ ही शासन की ओर से एजी ऑफिस को जमीन दिए जाने से जुड़े रिकॉर्ड का भी परीक्षण किया जाएगा।

26 बच्चों को रेस्क्यू करने के बाद जांच तेज

बीते शुक्रवार को मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग और बाल कल्याण समिति के संयुक्त जांच दल ने मदरसे का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताओं की जानकारी सामने आने के बाद 26 बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। मदरसे में बच्चों के साथ कथित मारपीट, मालिश करवाने और सोने-नहाने के दौरान ताकझांक किए जाने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। इन मामलों की जांच के साथ अब मदरसे के संचालन, निर्माण की अनुमति, बच्चों से लिए जाने वाले शुल्क और निर्माण कार्य पर खर्च की गई राशि की जानकारी भी जुटाई जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

20 हजार वर्गफुट से ज्यादा जमीन पर निर्माण

मदरसा-मस्जिद परिसर 20 हजार वर्गफुट से अधिक जमीन पर फैला बताया जा रहा है। परिसर में नए निर्माण कार्य की जानकारी भी सामने आई है। इस जमीन की कीमत करीब 30 करोड़ रुपये आंकी गई है हालांकि वास्तविक मूल्य और जमीन के स्वामित्व से जुड़े पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड से होगी। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि जमीन को लेकर एजी ऑफिस और राजस्व विभाग के बीच की स्थिति स्पष्ट होने के बाद निर्माण संबंधी अनुमति की जानकारी जुटाई जा सकती है। संबंधित विभाग की ओर से शिकायत या जानकारी मिलने पर निर्माण की अनुमति और नियमों के पालन की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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मदरसे की आय और निर्माण पर खर्च की भी पड़ताल

मदरसे में बच्चों से लिए जाने वाले शुल्क का स्पष्ट हिसाब-किताब सामने नहीं आने की बात कही गई है। इसके अलावा परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के लिए धन कहां से आ रहा था, इसकी जानकारी भी जांच का हिस्सा होगी। प्रशासन यह पता लगाने का प्रयास करेगा कि मदरसे और मस्जिद के रखरखाव, संचालन और निर्माण कार्यों पर खर्च होने वाली राशि का स्रोत क्या था। इसके लिए उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।

एसडीएम ने कहा जांच के बाद होगी कार्रवाई

झांसी रोड ग्वालियर के एसडीएम अतुल सिंह ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में संबंधित स्थान पर मस्जिद-ईदगाह दर्ज होने की जानकारी है। जमीन के रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के लिए पटवारी और राजस्व निरीक्षक (आरआई) को कहा गया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Dr. Sumit  Shrivastava
By Dr. Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...

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