दिल्ली की हवा बनी जहर! सुबह होते ही 400 पार पहुंचा AQI, सांस लेना भी मुश्किल

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार सुबह राजधानी का औसत AQI 365 दर्ज हुआ, जबकि कई इलाकों में यह 400 के पार पहुंच गया। IIT दिल्ली में सबसे ज्यादा 440 AQI रिकॉर्ड किया गया। ग्रेप-3 लागू होने के बाद भी हालात में खास सुधार नहीं दिख रहा। इस बीच कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सरकारों से जवाब मांगा है।
दिल्ली की हवा बनी जहर! सुबह होते ही 400 पार पहुंचा AQI, सांस लेना भी मुश्किल
दिल्ली की हवा में बढ़ता प्रदूषण संकट

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर जहरीली हवा ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शनिवार, 7 नवंबर की सुबह से ही कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर बना हुआ है। सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 365 दर्ज किया गया, जबकि सुबह 8 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों में यह 367 रहा। शुक्रवार के 382 के मुकाबले इसमें थोड़ी कमी जरूर आई, लेकिन कई इलाकों की हवा अब भी सांस लेने के लिए ठीक नहीं है। उधर, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद प्रदूषण को लेकर सरकारों की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं।

IIT दिल्ली में सबसे खराब हवा, पंजाबी बाग भी पीछे नहीं
शनिवार सुबह राजधानी के कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया। IIT दिल्ली में सुबह 7 बजे यह आंकड़ा 440 दर्ज किया गया। वहीं पंजाबी बाग में 433, विवेक विहार में 425, जहांगीरपुरी और मुंडका में 421 तथा रोहिणी में 418 AQI रहा। आरके पुरम में 414 और नजफगढ़ व सोनिया विहार में 412 दर्ज किया गया। इसके अलावा बवाना, द्वारका सेक्टर-8 और डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 410 AQI रिकॉर्ड हुआ। नरेला, DTU और नॉर्थ कैंपस में भी यह 409 तक पहुंच गया। यानी राजधानी के कई हिस्सों में हवा की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

नोएडा के सेक्टर-62 में भी AQI 414
प्रदूषण का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। नोएडा के सेक्टर-62 में शनिवार सुबह AQI 414 दर्ज किया गया। वहीं सेक्टर-116 में 285, सेक्टर-110 में 257 और सेक्टर-39 में 267 रहा। गाजियाबाद में लोनी का AQI 332 दर्ज हुआ। इंदिरापुरम में 287, संजय नगर में 294 और वेव सिटी में 292 रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप-3 लागू होने के बावजूद हवा की गुणवत्ता में खास सुधार नहीं दिख रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सिर्फ आदेश देने से नहीं बदलेगी स्थिति
शुक्रवार, 6 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली-NCR के प्रदूषण पर सुनवाई हुई। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि केवल पाबंदियां लगाने से समस्या हल नहीं होगी। जब तक लोगों के व्यवहार में बदलाव नहीं आएगा, तब तक गाड़ियों की बढ़ती संख्या और उनसे निकलने वाला धुआं परेशानी बढ़ाता रहेगा। सुनवाई में ASG ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि दिल्ली के कुल प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी फिलहाल 14% है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।

AQI की कौन सी श्रेणी कितनी खतरनाक?
AQI का आंकड़ा हवा की गुणवत्ता बताता है। 0 से 50 अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बेहद खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी में आता है। ऐसे में दिल्ली के कई इलाकों में दर्ज 400 से ज्यादा AQI चिंता बढ़ाने वाला है।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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