जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन 33वें दिन भी जारी :सरकार से बातचीत पर बदला रुख; वांगचुक से मिले केंद्रीय मंत्री

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन बुधवार को 33वें दिन भी जारी है। संसद मार्च के बाद लगातार तीसरी रात भी हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे रहे। पार्टी का कहना है कि अब सरकार से बातचीत के लिए उनका कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं जाएगा। यदि बातचीत करनी है तो सरकार को खुद जंतर-मंतर आना होगा। इस बीच अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल में मुलाकात की। वहीं, विपक्षी दलों के कई नेता भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे।
उद्धव ठाकरे पहुंचे जंतर- मंतर
CJP ने केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि 20 जुलाई को सरकार ने बातचीत के लिए बुलाने के बाद उन्हें और प्रवक्ता सौरव दास को करीब चार घंटे तक इंतजार कराया। उनका आरोप है कि इस दौरान दो घंटे तक दोनों को मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं करने दिया गया और बाहर जाने की भी अनुमति नहीं दी गई। रांका ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था जैसे उन्हें नजरबंद कर दिया गया हो। इसी बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से करीब 10 मिनट की मुलाकात हुई, जिसमें CJP ने सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आत्महत्या करने वाले नीट छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग रखी।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर खत्म किया प्रदर्शन
दूसरी ओर, CJP ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया है। इसके बाद पार्टी ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर चल रहा धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया। हालांकि, जंतर-मंतर पर पार्टी का मुख्य प्रदर्शन पहले की तरह जारी है और आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
पिछले 24 घंटे के 3 बड़े अपडेट्स…
1. हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारी रिहा
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया। इसके बाद पुलिस मुख्यालय के बाहर चल रहा CJP का धरना समाप्त कर दिया गया, लेकिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है।
2. CJP ने सरकार के सामने रखी नई शर्त
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अब पार्टी का कोई प्रतिनिधि सरकार से मिलने नहीं जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि अगर सरकार बातचीत चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आकर प्रदर्शनकारियों से बात करनी होगी।
3. प्रवक्ता हटाए गए, विपक्ष का समर्थन बढ़ा
संसद मार्च के दौरान बर्गर खाने का वीडियो वायरल होने के बाद CJP ने अपने प्रवक्ता विजेता दाहिया को पद से हटा दिया। वहीं, मंगलवार को उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, शरद पवार, सुप्रिया सुले, अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह समेत कई विपक्षी नेता जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में शामिल हुए।
अब नजर प्रोटेस्ट से आई तस्वीरों पर
धरनास्थल से आई अलग- अलग तस्वीर, प्रदर्शनकारी कई पोस्टर लेकर पहुंचे
हाथ में पोस्टर लिए प्रदर्शन करती छात्रा
जंतर- मंतर पर सोनम वांगचुक की तस्वीर, साथ में गौतम बुद्ध और अंबेडर की भी दिखी किताब
पिछले 2 दिन में क्या- क्या हुआ?
21 जुलाई: संसद मार्च के दौरान दिनभर हंगामा]
21 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर से संसद तक बड़ा मार्च निकाला। सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान करीब 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और संसद की ओर बढ़ने लगे। जुलूस संसद मार्ग, जनपथ, कर्तव्य पथ और विजय चौक होते हुए संसद के नजदीक पहुंच गया। संसद परिसर में प्रवेश की कोशिश के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई और मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जबकि देर शाम पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। पूरे घटनाक्रम में 50 से अधिक पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी घायल हुए।
22 जुलाई: आंदोलन जारी, सरकार के लिए नई शर्त और बड़ा फैसला
22 जुलाई को जंतर-मंतर पर CJP का धरना जारी रहा, लेकिन आंदोलन की रणनीति बदल गई। पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा कि अब उनकी ओर से कोई प्रतिनिधिमंडल सरकार से बातचीत के लिए नहीं जाएगा। अगर सरकार समाधान चाहती है तो उसे खुद जंतर-मंतर आना होगा। इसी दिन संसद मार्च के दौरान बर्गर खाने का वीडियो वायरल होने पर पार्टी ने प्रवक्ता विजेता दाहिया को पद से हटा दिया, जबकि दाहिया ने अपने बचाव में कहा कि भूख लगने पर खाना खाना गलत नहीं है। दूसरी ओर, दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर लंबे समय से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।











