Naresh Bhagoria
5 Feb 2026
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Garima Vishwakarma
5 Feb 2026
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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध बनाने के संकल्प पर विशेष सत्र में चर्चा का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि विधानसभा का विशेष सत्र सभी के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा यह सत्र मध्यप्रदेश को सुखद, समृद्ध, सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली और आत्मनिर्भर बनाने के अपने संकल्प को दोहराने का अवसर है। हमें पूरा विश्वास है कि जल्द ही हम लोग राज्य को विकसित राज्य की सूची में आगे ले जाएंगे। हम ऐसा प्रदेश बनाएंगे जहां चारों ओर हरियाली होगी, उद्योग- धंधों का जाल होगा,जहां बेरोजगारी और गरीबी नहीं होगी, सभी सुखी और संपन्न होंगे।
डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों के हित के लिए कई नवाचार किए हैं। इसी के अंतर्गत अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए गॉर्ड ऑफ ऑनर देने की प्रदेश में पहल की गई। साइबर तहसील की व्यवस्था ने भी जन सामान्य को राहत प्रदान की है। हमने 5 साल में अपना बजट दोगुना करने का प्रण लिया है। एमएसएमई, उद्योग, लोक परिवहन आदि के क्षेत्र में विशेष पहल की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अप्रैल 2026 से प्रदेश में यात्री परिवहन सेवा की शुरुआत हो रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने हाल ही में दो वर्ष पूर्ण किए हैं। जनता के कष्ट कम कर उनके जीवन में खुशियों की बाहर लाना हमारी सरकार का प्रयास रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्षों तक बीमारू राज्य के रूप में पहचाना जाता रहा। हमारी पार्टी की सरकारों ने बीमारू की छवि से निकालकर प्रदेश को विकासशील और संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार ने पिछले 2 वर्षों में विकास के हर क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हमने 11 दिसंबर को नक्सलवाद के लाल सलाम को आखिरी सलाम किया है। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा के लिए भी गौरव का विषय है, क्योंकि वर्ष 1999 में कांग्रेस पक्ष के एक मंत्री की नक्सलियों द्वारा निर्मम हत्या कर लोकतंत्र को चुनौती दी गई थी। लाल सलाम को आखिरी सलाम कर इस सदन ने वही बदला चुकता किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवाद के साथ ही आतंकवाद और उग्रवाद से जुड़े मॉडलों को ध्वस्त किया गया है। भारतीय मुजाहिदीन, आईएसआईएस समर्थक समूह़ टेरर फंडिंग, चरस नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मनी लॉन्ड्रिंग जांच में 1300 संदिग्ध खातों से 2000 करोड़ रुपए के अवैध लेनदेन का खुलासा किया गया। अवैध हथियार फैक्ट्री ध्वस्त कर 1900 से अधिक बैरल/शटर नलियां तथा हथियार बनाने की सामग्री सहित अवैध हथियार बरामद किए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित करने की योजना है। हमारे शहरों की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। प्रारंभिक रूप से इंदौर और भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के लिए प्राथमिकता पर लिया गया है। वर्ष 2026 में ग्वालियर और जबलपुर को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य आरंभ होगा। हम सुव्यवस्थित शहरीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा जीवन का आधार है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में सबसे पहले मध्यप्रदेश ने पहल की। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संदीपनि स्कूल बनाए गए। पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ही देश में नवोदय विद्यालय व्यवस्था की शुरुआत की। नवोदय विद्यालय ने देश की शिक्षा व्यवस्था में माइलस्टोन का काम किया। मानव संसाधन मंत्री रहते हुए अर्जुन सिंह ने उज्जैन में संदीपनी वैदिक संस्थान की स्थापना कर वेदों के अध्ययन- अध्यापन को प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में गुणवत्ता शिक्षा के लिए प्रदेश में 370 संदीपनि स्कूल बनाए गए हैं। प्रदेश में 799 मॉडल स्कूल, 52 सांदीपनि स्कूलों में रोबोटिक लैब, 3,367 स्कूलों में व्यावसायिक कोर्स आरंभ किए गए हैं। इसके साथ ही 30 हजार से अधिक निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले साढे आठ लाख बच्चों की फीस राज्य सरकार द्वारा भरी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अंग्रेजों से उधार लिए शब्दों को अलविदा कहते हुए विश्वविद्यालय में कुलपति की जगह कुलगुरु के सम्मानजनक संबोधन का प्रचलन आरंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास और संस्कृति एक दूसरे के विरोधी नहीं एक दूसरे के पूरक हैं। हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को नहीं भूल सकते। महाकाल लोक, राम वन गमन पथ, लोक परंपराएं यह सब हमारी पहचान है और यही पहचान हमारी शक्ति भी है। सम्राट विक्रमादित्य, राजाभोज सहित 9 महापुरूषों के नाम पर राजधानी भोपाल में 9 द्वार स्थापित किए जाएंगे। ओंकारेश्वर में 2195 करोड़ रुपए की लागत से हम आचार्य शंकर संग्रहालय" अद्वैत लोक" का निर्माण करा रहे हैं। श्री कृष्ण लीलाओं से जुड़े सभी तीर्थ स्थलों सांदीपनि आश्रम, नारायणा गांव, इंदौर का जानापाव और धार के अमझेरा को जोड़ कर श्री कृष्ण पाथेय के निमार्ण के लिए हमने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के गठन को स्वीकृति दी।