मनकू घाटी गौशाला में तड़प रहे गोवंश, दोहरे प्रभार के चक्कर में पंचायत सचिव बेपरवाह

छिंदवाड़ा/जुन्नारदेव। जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मनकू घाटी स्थित गौशाला इन दिनों बदहाली के आंसू बहा रही है। गौशाला में आश्रित गोवंश की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है, लेकिन प्रशासनिक अनदेखी और पंचायत सचिव की गैर-जिम्मेदारी के कारण बेजुबान जानवर भूख, प्यास और उचित देखभाल के अभाव में तड़पने को मजबूर हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा गोवंश संरक्षण और गौशालाओं के सुचारू संचालन के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। शासन से मिलने वाली सुविधाओं और अनुदान के बावजूद मनकू घाटी गौशाला में गायों की दुर्दशा बनी हुई है।
दोहरे प्रभार से बिगड़ी व्यवस्था
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव को एक साथ दो-दो पंचायतों का प्रभार सौंपा गया है। दोहरे प्रभार का हवाला देकर सचिव किसी भी एक पंचायत में अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। मुख्य रूप से मनकू घाटी की व्यवस्थाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं और सचिव का गौशाला की ओर कोई ध्यान नहीं है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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ग्रामीणों में रोष, वरिष्ठ अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
गौशाला में गायों की दयनीय स्थिति को देखकर स्थानीय ग्रामीणों और गौ-भक्तों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए, गौशाला की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए तथा कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले सचिव के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इस संबंध में पंचायत सचिव की प्रतिक्रिया प्रयास के बावजूद नहीं मिल सकी।
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