मप्र कैबिनेट के फैसले-भोपाल-विदिशा फोरलेन को मंजूरी, इछावर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर

भोपाल। मंत्रालय में मंगलवार को हुई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट बैठक में सड़क, कृषि, पुलिस, पर्यटन और विकास से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग को मौजूदा टू लेन से बढ़ाकर फोर लेन किया जाएगा। सड़क के साथ शोल्डर का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है।
फोरलेन परियोजना की लागत बढ़कर 1757 करोड़

सरकार ने भोपाल-विदिशा फोरलेन परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी है। मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि पहले परियोजना की लागत 1467 करोड़ रुपए थी, जिसे बढ़ाकर करीब 1617 करोड़ रुपए किया गया। ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के लिए नए मल्टीप्लिकेशन फैक्टर की लागत में करीब 140 करोड़ रुपये की वृद्धि के बाद परियोजना की कुल स्वीकृत लागत लगभग 1757 करोड़ रुपये हो गई है। परियोजना की अवधि 17 वर्ष निर्धारित की गई है।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेंगे कारोबार के अवसर
सरकार का मानना है कि भोपाल और विदिशा के बीच बेहतर सड़क संपर्क से दोनों शहरों के साथ आसपास के क्षेत्रों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से बाजार तक पहुंच आसान होगी और उद्योग, होटल, लॉजिस्टिक्स तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। भोपाल को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना के तहत आसपास के शहरों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
इछावर में बनेगा सोयाबीन अनुसंधान केंद्र
सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र के औरखेड़ी में अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) को जमीन नि:शुल्क आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। केंद्र में सोयाबीन की खेती, उत्पादन बढ़ाने और नई तकनीकों को लेकर अनुसंधान किया जाएगा। किसानों को शोध और आधुनिक कृषि तकनीक का सीधा लाभ पहुंचाने की योजना है।
भोपाल बायपास के टोल की अवधि बढ़ी
कैबिनेट ने भोपाल बायपास पर टोल संग्रह की अनुमति को भी आगे बढ़ाने का फैसला किया है। मंत्री ने बताया कि बायपास से दो वर्षों में करीब 145.87 करोड़ रुपए का टोल संग्रह हुआ है। औसतन लगभग 77 करोड़ रुपए सालाना टोल वसूला गया। अब टोल संग्रह की अनुमति 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक, यानी करीब पांच वर्ष के लिए दी गई है।
पुलिस विभाग में पदोन्नति और खंडवा में नई इकाई

कैबिनेट बैठक में पुलिस विभाग से जुड़े विषयों पर भी निर्णय लिए गए। पुलिस विभाग में 27,500 से अधिक पदोन्नतियां की गई हैं। इसके साथ ही औद्योगिक सुरक्षा बल की पहली इकाई खंडवा में स्थापित करने की तैयारी है। इसके लिए पुलिस बटालियन गठित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
होम स्टे से पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा
प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके तहत करीब 1000 लोगों को प्रशिक्षण देने की योजना है, ताकि स्थानीय लोगों को पर्यटन से रोजगार के अवसर मिल सकें। मंत्री ने कहा कि BRICS सम्मेलन से मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। एविएशन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। रीवा, सतना और दतिया में एयरपोर्ट तैयार हो चुके हैं, जबकि भोपाल से शाहजहांपुर के लिए हवाई सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
दूध उत्पादन और वनोपज से जुड़े फैसले
सरकार ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य भी तय किया है। मौजूदा 12 प्रतिशत के स्तर को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके लिए किसानों और पशुपालकों के हित में योजनाओं पर काम किया जा रहा है। वनोपज समितियों के लाभांश को लेकर भी सरकार ने स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की बात कही है।
रानी दुर्गावती और अवंतीबाई पुरस्कार की राशि बढ़ी
मंत्रिपरिषद ने रानी दुर्गावती पुरस्कार की राशि 2 लाख रुपए और रानी अवंतीबाई पुरस्कार की राशि 1 लाख रुपए करने का निर्णय लिया गया है।
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स्वतंत्रता दिवस, जनविश्वास अभियान और देवास हादसे पर निर्णय
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पहली बार वंदे मातरम का सामूहिक गान किया जाएगा। प्रदेश में तिरंगा यात्राएं भी निकाली जा रही हैं और 14 अगस्त को विभाजन की विभीषिका को याद किया जाएगा। जनविश्वास अभियान की रिपोर्ट को भी सकारात्मक बताया गया। वहीं देवास में पटाखा फैक्ट्री से जुड़े हादसे की जांच के लिए एकल सदस्यीय न्यायिक जांच समिति गठित करने का फैसला लिया गया है। समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।












